विराटनगर (कोटपूतली-बहरोड़) संवाददाता: बाबूलाल गुर्जर। विराटनगर क्षेत्र की ग्राम सेवा सहकारी समिति मैड से जुड़ा कथित नौकरी और स्थानांतरण घोटाले का मामला सामने आया है। सेवरा निवासी मुखराम गुर्जर ने समिति के व्यवस्थापक जयसिंह चौधरी पर सहायक व्यवस्थापक (कंप्यूटर ऑपरेटर) के पद पर स्थायी नियुक्ति और बाद में पूरावाला सहकारी समिति में स्थानांतरण का झांसा देकर 5 लाख रुपये की ठगी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने इस संबंध में विराटनगर थाने में लिखित शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रति और अन्य दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं।
मुखराम गुर्जर के अनुसार, व्यवस्थापक जयसिंह चौधरी ने उन्हें सहायक व्यवस्थापक (कंप्यूटर ऑपरेटर) के पद पर स्थायी नियुक्ति दिलाने तथा आगे पूरावाला सहकारी समिति में स्थानांतरण कर स्थायी रूप से कार्यरत रखने का आश्वासन दिया। इसके बदले कथित रूप से 5 लाख रुपये की मांग की गई। शिकायत के अनुसार, पहले 3 लाख रुपये दिए गए और बाद में शेष 2 लाख रुपये भी दे दिए गए। इसके बावजूद स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई।

पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद 21 सितंबर 2025 को एक नया प्रस्ताव तैयार कर उससे हस्ताक्षर कराए गए। शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि प्रस्ताव की कार्यवाही और अभिलेखों में तिथियों के साथ कथित हेरफेर की गई। बाद में उन्हें कुछ समय के लिए ड्यूटी पर लगाया गया और वेतन भी शुरू किया गया, जिससे उन्हें विश्वास हो गया कि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। बाद में जब पूरे मामले की जानकारी मिली तो उन्हें कथित धोखाधड़ी का संदेह हुआ।
मुखराम गुर्जर का कहना है कि जब उन्होंने नियुक्ति और स्थानांतरण से संबंधित दस्तावेजों की वास्तविक स्थिति जानने का प्रयास किया, तब उन्हें पूरे प्रकरण में अनियमितताओं का आभास हुआ। इसके बाद उन्होंने संबंधित रिकॉर्ड और दस्तावेजों का परीक्षण किया तथा विराटनगर पुलिस थाने में विस्तृत शिकायत प्रस्तुत कर निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की। शिकायत के साथ कई दस्तावेज, रजिस्टर की प्रतियां और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड भी संलग्न किए गए हैं।
पीड़ित ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि यह पूरा मामला सुनियोजित तरीके से किया गया, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
फिलहाल इस मामले में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। पुलिस द्वारा शिकायत प्राप्त होने के बाद जांच की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। जांच पूरी होने तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस मामले में अंतिम स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
(नोट: यह समाचार शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोपों और उपलब्ध शिकायत दस्तावेजों पर आधारित है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही होगी।)









