जयपुर द्वितीय में बड़ी कार्रवाई: भ्रामक लेबल वाले 10 हजार से अधिक कैफिनेटेड बेवरेज कैन सीज, जांच के लिए भेजे गए नमूने
जयपुर | 09 जुलाई। राजस्थान में खाद्य सुरक्षा नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन के तहत जयपुर द्वितीय जिले में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बस्सी औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक प्रतिष्ठान से 10 हजार से अधिक कैफिनेटेड बेवरेज (कैफीन युक्त पेय) के कैन सीज किए हैं। कार्रवाई के दौरान विभिन्न ब्रांडों के नमूने लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में इन उत्पादों के लेबल पर ऐसे दावे पाए गए, जिन्हें भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) की गाइडलाइन के अनुसार भ्रामक प्रचार की श्रेणी में माना जा सकता है।
यह कार्रवाई आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, राजस्थान डॉ. टी. शुभमंगला के निर्देश पर जयपुर द्वितीय जिले की खाद्य सुरक्षा टीम द्वारा की गई। विभाग का कहना है कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य उत्पादों पर सही जानकारी उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से राज्यभर में खाद्य एवं पेय पदार्थों की नियमित जांच और निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है।

बस्सी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जीआरएस एंटरप्राइजेज पर हुई कार्रवाई
अभिहित अधिकारी एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) जयपुर द्वितीय डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने बस्सी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित जीआरएस एंटरप्राइजेज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न ब्रांडों के कैफिनेटेड बेवरेज का स्टॉक जांचा गया और नियमानुसार तीन नमूने लेकर उन्हें परीक्षण के लिए सुरक्षित किया गया।
निरीक्षण के दौरान शेष स्टॉक को एहतियात के तौर पर सीज कर दिया गया, ताकि जांच पूरी होने तक संबंधित उत्पादों की बिक्री या वितरण न हो सके। विभाग ने स्पष्ट किया कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही अंतिम कार्रवाई की जाएगी।
10 हजार से अधिक कैन किए गए सीज
कार्रवाई के दौरान कुल 10,048 कैन सीज किए गए। इनमें विभिन्न ब्रांडों के उत्पाद शामिल हैं—
- कैंपा एनर्जी ड्रिंक – 4,928 कैन
- प्रीडेटर एनर्जी ड्रिंक – 3,608 कैन
- रेड बुल एनर्जी ड्रिंक – 1,512 कैन
इन तीनों ब्रांडों के नमूने लेकर उन्हें जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, जयपुर भेजा गया है, जहां गुणवत्ता, लेबलिंग और खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप परीक्षण किया जाएगा।
भ्रामक लेबलिंग पर FSSAI की सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कैफिनेटेड बेवरेज के लेबल पर “Stimulates Mind”, “Energizes Body”, “Energy Drink”, “Sports Drink”, “Healthy Drink” जैसे दावों का उपयोग उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है। ऐसे दावों को नियामक संस्था भ्रामक प्रचार की श्रेणी में मानती है।
इसी विषय को लेकर FSSAI ने देश के कई प्रमुख बेवरेज निर्माताओं को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को उत्पाद के बारे में सही और वैज्ञानिक जानकारी मिले तथा किसी भी प्रकार के भ्रामक विज्ञापन या लेबलिंग से बचा जा सके।
कैफीन युक्त पेय पदार्थों को लेकर स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि अधिक कैफीन वाले पेय पदार्थों का अत्यधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं (Lactating Mothers) और बच्चों को ऐसे पेय पदार्थों के सेवन में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।
अधिक मात्रा में कैफीन लेने से नींद की समस्या, घबराहट, हृदय गति बढ़ना, रक्तचाप में बदलाव और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। इसी कारण खाद्य सुरक्षा विभाग ऐसे उत्पादों की लेबलिंग और गुणवत्ता की नियमित निगरानी कर रहा है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल ने बताया कि जब्त किए गए उत्पादों के नमूने जांच के लिए जन स्वास्थ्य प्रयोगशाला, जयपुर भेज दिए गए हैं। प्रयोगशाला से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद यदि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित संस्था के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए लगातार निरीक्षण अभियान चला रहा है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की रही प्रमुख भूमिका
इस कार्रवाई में जयपुर द्वितीय के खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश चंद यादव, अवधेश गुप्ता एवं नंदकिशोर कुमावत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग ने कहा कि खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









