स्तंभ

बंगाल में TMC का किला क्यों ढहा? Mamata Banerjee का करिश्मा फेल या BJP की बूथ स्ट्रैटेजी ने बदला गेम!

बंगाल का बदला मिज़ाज: करिश्मा, कट मनी और कड़क प्रशासन के बीच सत्ता का समीकरण! पश्चिम बंगाल—एक ऐसा प्रदेश जिसकी पहचान सिर्फ संस्कृति, साहित्य ...

Punjab राज्यपाल साहब का उदयपुर प्रेम: संवैधानिक दायित्व या ‘वीकेंड रिट्रीट’?

उदयपुर की वादियों में अगर इन दिनों कोई सबसे नियमित ‘पर्यटक’ है, तो वो हैं पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया। फर्क बस इतना है ...

रिश्वतखोरी का बढ़ता ग्राफ, लेकिन सजा का घटता डर — सिस्टम की खामोशी का सच

राजस्थान में भ्रष्टाचार अब कोई छुपी हुई बीमारी नहीं रही, यह एक खुला सच बन चुका है। आंकड़े बताते हैं कि हर तीसरे दिन ...

माता जी, यहाँ बैठिए…“: निगमायुक्त की संवेदनशीलता ने जीता दिल, जनसुनवाई में हुआ समस्याओं का त्वरित समाधान

जबलपुर। नगर निगम की जनसुनवाई आज केवल शिकायतों के निपटारे का माध्यम नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल बन गई। जब एक बुजुर्ग ...

Rajasthan Diwas Special: शौर्य, संस्कृति और बलिदान की अनसुनी कहानी

    राजस्थान—यह नाम केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि सदियों से लिखी जा रही उस गाथा का प्रतीक है जिसमें वीरता, बलिदान, संस्कृति ...

The Kerala Story 2 : वायरल कतरनों से फिल्मी फ्रेम तक: सवाल अब भी बाकी हैं !

साल 2017 के आसपास सोशल मीडिया पर कुछ कथित अख़बार कतरनें तेजी से वायरल हुईं। इनमें दावा किया गया कि “लव जिहाद” नामक एक ...

साइन बोर्ड से गायब रास्ते, बधाई संदेशों से भरी सड़कें: व्यवस्था बनाम विवेक

जन-सुविधा पर भारी पड़ता सत्ता का आत्मप्रचार सड़क किनारे लगे साइन बोर्ड किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में केवल धातु की पट्टिकाएँ नहीं होते, बल्कि ...

जब औरत बोलती है, तो बोल्ड क्यों कहलाती है? सीमा आनंद पर विश्लेषण

जो बात बेडरूम में फुसफुसाई जाती थी, वही माइक पर — सीमा आनंद का भारत से सीधा संवाद भारतीय समाज में सेक्स हमेशा से ...

नेल्सन मंडेला नियमों का एक दशक : जेल सुधारों की दशा और दिशा में बदलाव 

17 दिसंबर 2015 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने जेलों में बंद व्यक्तियों के साथ व्यवहार के लिए ‘कैदियों के उपचार के लिए संयुक्त राष्ट्र ...

Rajasthan Cabinet : बेचैनी, बदलाव और 22 तारीख का ‘परीक्षा दिवस’

विश्लेषण: BL MAAN – Editor-in-Chief राजस्थान की सत्ता इस समय विरोधियों से कम, अपने ही घर की हलचल से ज़्यादा घिरी हुई है। सरकार ...