जबलपुर। जबलपुर स्मार्ट सिटी में कार्यरत एक महिला अधिकारी ने सीईओ अरविंद शाह (आइएएस) पर कार्य के दौरान अभद्रता करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। सोमवार को महिला ने एक शपथ-पत्र देकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मामले की शिकायत कर आइएएस के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
महिला ने आरोप लगाया कि वह फरवरी 2025 से स्मार्ट सिटी में कार्यरत है। मार्च 2026 का वेतन दस अप्रैल तक खाते में नहीं आया। इस पर स्मार्ट सिटी के प्रशासनिक अधिकारी रवि राव से पता किया तो उन्होंने बताया कि सीईओ ने वेतन रोक दिया है।
जबलपुर के ओमती थाना क्षेत्र निवासी महिला ने 26 अप्रैल को दिए शपथ पत्र में उल्लेख किया कि जब वह सीईओ से मिलने के लिए पहुंची तो अरविंद शाह ने वेतन मामले का निराकरण करने की बजाय धमकाया। कहा कि एक मामूली अधिकारी होकर मंत्री-नेता से फोन करवाती हो। मैं किसी की नहीं सुनता। उसके बाद अनेक अपशब्दों का इस्तेमाल किया। जब रोती हुई चैंबर से बाहर निकल रही थी, तब मुझे सीईओ शाह ने गालियां देकर कहा कि मैं तुझे व मंत्री को देख लूंगा।
इधर, जबलपुर स्मार्ट सिटी में कार्यरत महिला अधिकारी को डांटने के बाद लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह और सीईओ अरविंद शाह (आइएएस) के बीच बढ़ा विवाद सोमवार शाम सुलझ गया। आइएएस एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव और अन्य पदाधिकारियों ने अरविंद शाह की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मुलाकात कर अपनी बात रखी।
श्रीवास्तव ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत हो गई है। आपस में चर्चा कर मामले को समाप्त करने की सहमति बनी है। सूत्रों के अनुसार बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी की बात ध्यान से सुनी और अरविंद शाह को फटकारते हुए कहा कि नए आइएएस हैं, तो काम करिए। बिना वजह विवादों में रहने की जरूरत नहीं है।









