लीज की संपत्तियों में चल रहे व्यावसायिक संस्थानों का भी हो शहरव्यापी सर्वे, नियम विरुद्ध उपयोग पर हो कार्रवाई, हाउसिंग बोर्ड ने 26 मकानों की लीज निरस्त की, अब नगर निगम की बारी?
जबलपुर। धनवंतरि नगर और सुभाष नगर महाराजपुर में आवासीय मकानों के व्यावसायिक उपयोग पर मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड द्वारा 26 मकानों की लीज निरस्त करने और करीब 300 लोगों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई ने शहर में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब आवासीय संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर हाउसिंग बोर्ड कार्रवाई कर सकता है, तो नगर निगम सीमा में ऐसी संपत्तियों की जांच कब होगी?
जबलपुर शहर में नगर निगम के अंतर्गत बड़ी संख्या में लीज पर दी गई संपत्तियों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। कई स्थानों पर वर्षों से दुकानें, कार्यालय, संस्थान और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसे में यह जांच का विषय है कि इन संपत्तियों का वर्तमान उपयोग लीज की शर्तों, भवन अनुज्ञा, उपयोग परिवर्तन और नगर निगम के राजस्व संबंधी नियमों के अनुरूप है या नहीं।
केवल मकान नहीं, लीज पर चल रहे व्यवसाय भी जांच के दायरे में आएं
नगर निगम प्रशासन यदि गंभीरता से शहर में लीज पर चल रहे व्यावसायिक संस्थानों का क्षेत्रवार और वार्डवार सर्वे कराए, तो बड़ी संख्या में ऐसे मामले सामने आ सकते हैं जहां संपत्ति का वास्तविक उपयोग और अभिलेखों में दर्ज उपयोग अलग-अलग हो सकता है।
सवाल यह भी है कि जिन संपत्तियों का उपयोग व्यावसायिक रूप से किया जा रहा है, क्या उनसे नियमानुसार संपत्ति कर, व्यावसायिक कर, लाइसेंस शुल्क और अन्य देय राजस्व की वसूली हो रही है? यदि नहीं, तो नगर निगम के राजस्व को कितना नुकसान हो रहा है, इसका भी आकलन होना चाहिए।
कार्रवाई के साथ बढ़ सकता है निगम का राजस्व
नगर निगम यदि लीज पर संचालित व्यावसायिक संस्थानों का सर्वे कराकर नियम विरुद्ध व्यावसायिक उपयोग, बिना अनुमति उपयोग परिवर्तन अथवा अन्य अनियमितताओं की पहचान करता है और नियमानुसार नोटिस एवं कार्रवाई करता है, तो इससे व्यवस्था भी प्रभावी बनेगी और निगम के राजस्व में भी वृद्धि की संभावना है।
यह कार्रवाई किसी एक क्षेत्र तक सीमित न रहकर पूरे जबलपुर शहर में अभियान के रूप में होनी चाहिए। वार्डवार सूची तैयार हो, संपत्ति का मूल उपयोग देखा जाए, वर्तमान गतिविधि की जांच हो और नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
आयुक्त महोदय प्रेम प्रकाश अहिरवार से अपेक्षा
आयुक्त महोदय प्रेम प्रकाश अहिरवार, हाउसिंग बोर्ड की कार्रवाई के बाद अब नगर निगम सीमा में भी इस दिशा में पहल की आवश्यकता है। शहर में लीज पर चल रहे व्यावसायिक संस्थानों का व्यापक सर्वे कराया जाए। जहां नियमों का उल्लंघन मिले, वहां बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
इससे एक ओर लीज की शर्तों और नगरीय नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित होगा, वहीं दूसरी ओर ऐसे संस्थानों को चिन्हित कर नगर निगम के राजस्व को भी बढ़ाया जा सकता है।
सवाल सीधा है—जब लीज की संपत्तियों के व्यावसायिक उपयोग पर कार्रवाई संभव है, तो नगर निगम सीमा में वर्षों से चल रहे ऐसे व्यावसायिक संस्थानों का सर्वे आखिर कब होगा?
आयुक्त महोदय कृपया संज्ञान में लें।










