अग्नि सुरक्षा के बिना कमर्शियल संचालन की अनुमति आखिर कौन दे रहा है?
आयुक्त महोदय जी, कृपया संज्ञान में लें—बड़ी-बड़ी इमारतें तैयार, लेकिन फायर सेफ्टी व्यवस्था पर गंभीर सवाल
जबलपुर। शहर में बड़े-बड़े बिल्डर्स द्वारा करोड़ों की लागत से कमर्शियल और बहुमंजिला रेसिडेंशियल बिल्डिंगें तैयार की जा रही हैं। भवन बनकर तैयार होते ही उनमें दुकान, शोरूम, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जगह उपलब्ध कराई जा रही है। लेकिन सवाल यह है कि जिन भवनों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पूरी नहीं है, उन्हें कमर्शियल संचालन की अनुमति आखिर कौन दे रहा है?
फायर अलार्म, हाइड्रेंट सिस्टम, स्प्रिंकलर, स्मोक डिटेक्टर, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन निकास जैसी व्यवस्थाएं केवल औपचारिकता नहीं हैं। किसी आगजनी की स्थिति में यही व्यवस्थाएं लोगों की जान बचाने का सबसे बड़ा माध्यम बन सकती हैं।
जबलपुर में फायर सेफ्टी को लेकर 325 प्रतिष्ठानों को नोटिस दिए जाने की बात सामने आ चुकी है। लेकिन सवाल यह है कि नोटिस के बाद कितने प्रतिष्ठानों में वास्तव में सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त हुई? कितनों पर कार्रवाई हुई? और शहर में अब जो नई कमर्शियल बिल्डिंगें तैयार हो रही हैं, उनमें फायर सेफ्टी की वास्तविक स्थिति की जांच कौन कर रहा है?
बिल्डिंग मालिक निर्माण कर रहा है, लेकिन जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी?
बिल्डिंग मालिक करोड़ों रुपये लगाकर इमारत खड़ी कर देता है। दुकानें और कार्यालय किराए पर देने के लिए बोर्ड लग जाते हैं। लोग वहां व्यापार शुरू करने की तैयारी करने लगते हैं। लेकिन यदि उसी भवन में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपकरण नहीं हैं तो सवाल स्वाभाविक है—
क्या कमर्शियल संचालन की अनुमति देने से पहले फायर सेफ्टी का मौके पर सत्यापन किया जाता है?
अगर किया जाता है तो सुरक्षा व्यवस्था अधूरी रहने के बावजूद व्यावसायिक गतिविधियां शुरू होने की स्थिति कैसे बन रही है?
और यदि नियमों का पालन नहीं हुआ है तो उसकी जिम्मेदारी तय कौन करेगा?
व्यंग्य में शहर यह भी पूछ रहा है—
“आग बुझाने का इंतजाम बाद में होगा साहब, पहले यह तो बताइए कि कमर्शियल संचालन की अनुमति देने की जिम्मेदारी किसकी है?”
आयुक्त महोदय जी, कृपया संज्ञान में लें
यह सवाल किसी एक बिल्डर या किसी एक भवन तक सीमित नहीं है। यह उन हजारों लोगों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है जो रोज इन कमर्शियल भवनों में ग्राहक, कर्मचारी और व्यापारी के रूप में पहुंचते हैं।
जबलपुर में पहले भी कई आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं। ऐसे में किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय नई और पुरानी सभी बड़ी कमर्शियल इमारतों की फायर सेफ्टी व्यवस्था की जांच और भौतिक सत्यापन जरूरी है।
आयुक्त महोदय जी, कृपया संज्ञान में लें और स्पष्ट कराएं—अग्नि सुरक्षा मानकों को पूरा किए बिना किसी कमर्शियल भवन को संचालन की अनुमति कैसे और किस प्रक्रिया के तहत दी जा रही है?
क्योंकि हादसा होने के बाद कार्रवाई से बेहतर है—हादसे से पहले सुरक्षा सुनिश्चित करना।










