गुना जिले के आरोन क्षेत्र में 5वीं कक्षा की छात्राओं के साथ कथित अभद्र हरकत का मामला, प्रशासन ने शुरू की जांच
गुना जिले के आरोन क्षेत्र के एक सरकारी स्कूल में कक्षा 5वीं की करीब 10 छात्राओं की पानी की बोतलों में पेशाब मिलाने का गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि स्कूल में रंगोली बनाने के दौरान कुछ छात्रों ने कथित तौर पर छात्राओं की पानी की बोतलों में पेशाब मिला दिया। आरोप है कि छात्राओं ने अनजाने में उसी पानी का सेवन कर लिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद छात्राएं रोते हुए स्कूल की प्राचार्य के पास पहुंचीं।
छात्राओं और परिजनों का आरोप है कि शिकायत के दौरान उनकी बात को गंभीरता से नहीं लिया गया। प्राचार्य मूलचंद कौशिक पर कथित तौर पर छात्राओं से यह कहने का आरोप है कि यदि मुंह खराब हो गया है तो 10-10 रुपये वाली चॉकलेट खा लो। हालांकि, इस कथन की स्वतंत्र पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
घटना की जानकारी छात्राओं ने जब अपने परिजनों को दी तो बड़ी संख्या में लोग स्कूल पहुंच गए। आक्रोशित परिजनों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए स्कूल में तालाबंदी कर दी। उनका कहना था कि बच्चों की पानी की बोतलों के साथ इस प्रकार की कथित हरकत बेहद गंभीर है और पूरे मामले में जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
मामले की सूचना मिलते ही प्रशासन सक्रिय हुआ। आरोन एसडीएम मंजूषा खत्री ने संज्ञान लेते हुए तहसीलदार कृष्णकांत चौबे और बीईओ संतोष धाकड़ को मौके पर भेजा। प्रशासनिक अधिकारियों ने पुलिस बल के साथ गांव पहुंचकर छात्राओं, उनके परिजनों और कथित आरोपी छात्रों के बयान दर्ज किए।
प्रशासन ने पूरे घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। एसडीएम ने बीईओ को मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्कूल के प्राचार्य को भी नोटिस जारी किया गया है।
अब निगाह प्रशासनिक जांच की रिपोर्ट पर है। जांच में यह स्पष्ट होगा कि छात्राओं की बोतलों में वास्तव में क्या मिलाया गया था, घटना में कौन-कौन शामिल थे और स्कूल प्रबंधन की भूमिका क्या रही। तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सवाल बच्चों की सुरक्षा का: घटना ने स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिकायतों के प्रति प्रबंधन की संवेदनशीलता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि जांच निष्पक्ष तरीके से कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।









