मेडिकल कॉलेज में 5 कर्मचारियों द्वारा 1 करोड़ 63 लाख रुपये का बड़ा गबन, मामला दर्ज
जबलपुर
मेडिकल कॉलेज में वित्तीय अनियमितता और बड़े फर्जीवाड़े का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कार्यरत 5 कर्मचारियों ने मिलकर कुल 1 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक का गबन किया है। यह पूरा फर्जीवाड़ा वर्ष 2020 से 2025 के बीच की अवधि में अंजाम दिया गया।
फर्जीवाड़े का तरीका और जाँच के खुलासे
* रसीद बुक में एंट्री, पर बैंक में रकम जमा नहीं: विभागीय जाँच में यह खुलासा हुआ कि उक्त कर्मचारियों द्वारा छात्रों से जमा कराई जाने वाली फीस, तथा आईपीओ व ओपीडी में जमा होने वाली राशि को लेकर रसीद बुक में तो बाकायदा एंट्री की जाती थी, लेकिन उस राशि का कुछ हिस्सा बैंक में जमा नहीं कराया जाता था।
* प्रबंधन द्वारा जाँच कमेटी का गठन: जब इस प्रकार की गड़बड़ियों की भनक लगी, तो प्रबंधन द्वारा एक विशेष जाँच कमेटी का गठन किया गया। इस आंतरिक जाँच में डेढ़ करोड़ से अधिक राशि का गबन किए जाने का पर्दाफाश हुआ।
संलिप्त कर्मचारियों का विवरण और उनकी कार्याअवधि
जाँच में सामने आया कि कर्मचारियों ने आपसी मिलीभगत से इस फर्जीवाड़े को लंबे समय तक जारी रखा। इस मामले में जिन 5 कर्मचारियों के नाम सामने आए हैं, उनका विवरण इस प्रकार है:
* मनोहर केबट: यह वर्ष 2016 से जुलाई 2022 तक कैशियर के पद पर रहे और बाद में रिटायर हुए।
* साधना चंद्रोल: यह 26 अक्टूबर 2021 से नवंबर 2025 तक कैशियर रहीं।
* भानु शाक्यवार: यह वर्ष 2007 से 2021 तक पदस्थ रहे।
* विशाल सराठे: यह वर्ष 2021 से मई 2026 तक पदस्थ रहे।
* अरबिंद: यह वर्ष 2019 से मई 2026 तक पदस्थ रहे और इस दौरान फर्जीवाड़ा किया।
इन सभी संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ धोखाधड़ी और गबन का मामला दर्ज कर
लिया गया है।









