विदेशी फंड पर आयकर विभाग का शिकंजा, जबलपुर में 3 सीए और एक कंपनी जांच के घेरे में
जबलपुर। विदेशी खातों में भेजे गए धन और संदिग्ध विदेशी लेनदेन को लेकर आयकर विभाग ने देशव्यापी स्तर पर बड़ी जांच शुरू की है। इसी कड़ी में जबलपुर में तीन चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) और एक कंपनी के ठिकानों पर विभाग की कार्रवाई सामने आई है। विजय नगर, मुस्कान सिटी और नेपियर टाउन में टीमों ने दस्तावेज और विदेशी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले।
आयकर विभाग की यह कार्रवाई करीब 394 संस्थाओं और 36 प्रोफेशनल्स से जुड़े विदेशी धन के लेनदेन की जांच का हिस्सा है। विभाग यह पता लगाने में जुटा है कि विदेश भेजी गई रकम का वास्तविक उद्देश्य क्या था और उसके पीछे किए गए दावे तथा दस्तावेज कितने सही हैं।
15CB प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में
जांच में विदेशी धन भेजने से जुड़े फॉर्म 15CB भी महत्वपूर्ण बिंदु बने हैं। विभाग ने ऐसे प्रमाणपत्रों के आंकड़ों का अध्ययन किया है और संबंधित रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। यह देखा जा रहा है कि विदेशी भुगतान से पहले आवश्यक प्रक्रिया और प्रमाणन सही तरीके से किया गया था या नहीं।
कम कारोबार, विदेश में बड़ी रकम पर सवाल
विभाग की जांच में कुछ ऐसी संस्थाएं भी सामने आई हैं, जिनका कारोबार या आयकर रिटर्न अपेक्षाकृत कम रहा, लेकिन विदेश में भेजी गई रकम काफी अधिक बताई गई। कुछ मामलों में घोषित पते पर अपेक्षित गतिविधियां नहीं मिलने की जानकारी भी सामने आई है। माल ढुलाई, सॉफ्टवेयर और सलाहकार सेवाओं के नाम पर किए गए भुगतानों की वास्तविकता भी जांची जा रही है।
अभी जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष बाकी
जबलपुर के साथ भोपाल और सतना में भी कार्रवाई जारी है। विभाग विदेशी लेनदेन, दस्तावेजों और संबंधित संस्थाओं के वास्तविक कामकाज का मिलान कर रहा है। फिलहाल किसी व्यक्ति या संस्था को दोषी घोषित नहीं किया गया है। जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कार्रवाई और पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी।










