निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने ली समीक्षा बैठक, स्वच्छता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
जबलपुर। नगर निगम आयुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने मंगलवार को निगम मुख्यालय में लोक निर्माण, लोककर्म, जल प्रदाय एवं स्वास्थ्य विभाग के कार्यों और योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में शहर की स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, निर्माण एवं विकास कार्यों तथा नागरिक शिकायतों के निराकरण की प्रगति की जानकारी ली गई।
निगमायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वच्छता के मामले में किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। शहर में गंदगी फैलाने, खुले में कचरा फेंकने और स्वच्छता मानकों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छ और सुंदर जबलपुर के लिए अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण कर व्यवस्थाओं पर नजर रखनी होगी।
जल आपूर्ति सुचारु रखने पर जोर
निगमायुक्त ने जल प्रदाय व्यवस्था की समीक्षा करते हुए शहर में पेयजल आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संबंधी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने तथा नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा।
विकास कार्य समय-सीमा में पूरे हों
लोक निर्माण एवं लोककर्म विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निर्माणाधीन विकास कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कार्यों की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करने को कहा।
सीएम हेल्पलाइन में संतुष्टि जरूरी
जनसमस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए निगमायुक्त ने सीएम हेल्पलाइन के प्रकरणों के संतुष्टिपूर्ण निराकरण पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों का केवल कागजी निराकरण न किया जाए, बल्कि संबंधित नागरिक की समस्या का वास्तविक समाधान सुनिश्चित किया जाए। लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा कर समय-सीमा में कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
निष्ठा और संवेदनशीलता से काम करें अधिकारी
बैठक के अंत में निगमायुक्त राम प्रकाश अहिरवार ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम की कार्यप्रणाली का सीधा प्रभाव शहरवासियों के दैनिक जीवन पर पड़ता है, इसलिए प्रत्येक अधिकारी-कर्मचारी जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य करे।
बैठक में अपर आयुक्त, उपायुक्त, सहायक आयुक्त सहित विभिन्न विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।









