विज्ञापन एजेंसी से 6 लाख वसूली का नोटिस, फिर फाइल ही गायब!
जबलपुर। डीबी स्टार। नगर निगम जबलपुर के होर्डिंग विभाग में विज्ञापन एजेंसी से जुड़ा एक मामला अब सवालों के घेरे में है। बेंगलुरु की एक कंपनी ने शहर की प्रमुख सड़कों और बाजार क्षेत्रों में करीब 1200 विज्ञापन बोर्ड लगा दिए, जबकि होर्डिंग विभाग के संज्ञान में इनमें से करीब 500 बोर्ड ही बताए जा रहे हैं। मामला सामने आने के बाद निगम ने एजेंसी पर करीब 6 लाख रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया।
नोटिस के बाद फाइल कहां गई?
सूत्रों के अनुसार, जिस एजेंसी को छह लाख रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया गया था, उससे संबंधित फाइल अब होर्डिंग विभाग में नहीं मिल रही है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब निगम ने कार्रवाई करते हुए वसूली निर्धारित की थी, तो उसके बाद प्रकरण की फाइल और कार्रवाई का रिकॉर्ड कहां है?
जब जिम्मेदार अधिकारी से नोटिस के बाद की कार्रवाई को लेकर सवाल किया गया तो विज्ञापन बोर्ड हटवाए जाने का हवाला दिया गया।
बाहर की कंपनी होने का तर्क
होर्डिंग अधिकारी शैलेन्द्र कौरव के अनुसार, बेंगलुरु की एजेंसी को छह लाख रुपए जमा करने का नोटिस दिया गया था, लेकिन राशि जमा नहीं की गई। इसके बाद शहर से सभी विज्ञापन बोर्ड हटवा दिए गए। उनका कहना है कि एजेंसी बाहरी होने के कारण आगे की कार्रवाई नहीं हो सकी।
अधिकारी के मुताबिक, संबंधित राशि की वसूली के लिए आगे मांग पत्र जारी किया जाएगा।
छह लाख की वसूली कब और किससे?
अब बड़ा सवाल यही है कि यदि निगम ने छह लाख रुपए की वसूली का नोटिस जारी किया था, तो वसूली की अगली प्रक्रिया कब शुरू होगी? मांग पत्र कौन जारी करेगा और राशि कब तक निगम के खाते में जमा होगी?
साथ ही, यदि प्रकरण की फाइल वास्तव में विभाग में उपलब्ध नहीं है, तो यह भी जांच का विषय है कि महत्वपूर्ण दस्तावेज आखिर कहां गए। विज्ञापन बोर्ड हटवा देना अलग कार्रवाई है, लेकिन निगम की बकाया राशि की वसूली का प्रकरण उससे समाप्त नहीं हो जाता। मामला अब फाइल, वसूली और जिम्मेदारी—तीनों पर जवाब मांग रहा है।








