ईओडब्ल्यू की दस्तक से नगर निगम में मचा भूचाल: एएचओ पोला राव के यहां कार्रवाई, अब कई और अफसरों की बढ़ी धड़कनें

---Advertisement---

आय से अधिक संपत्ति की जांच ने खोले कई सवाल, छोटे पदों पर रहकर अकूत संपत्ति बनाने वालों पर भी उठीं उंगलियां

जबलपुर। नगर निगम जबलपुर के सहायक स्वास्थ्य अधिकारी (एएचओ) पोला राव के यहां आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की कार्रवाई ने निगम मुख्यालय से लेकर जोन कार्यालयों तक हलचल पैदा कर दी है। जांच के दौरान बैंक खातों, निवेश, चल-अचल संपत्तियों तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की पड़ताल की गई। प्राप्त अभिलेखों को मूल्यांकन और सत्यापन की प्रक्रिया के लिए भेजा गया है।
सूत्रों के अनुसार पोला राव हाल के वर्षों में स्वास्थ्य विभाग में पदोन्नति पाकर सहायक स्वास्थ्य अधिकारी बने थे। ऐसे में सीमित सेवा अवधि और घोषित आय की तुलना में सामने आई संपत्तियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। जांच एजेंसियां संपत्तियों के स्रोत, निवेश और वित्तीय लेन-देन की गहन जांच कर रही हैं।
पोला राव पर हुई कार्रवाई के बाद नगर निगम के उन अधिकारियों और कर्मचारियों में भी बेचैनी बढ़ गई है, जिनकी संपत्तियों को लेकर लंबे समय से चर्चाएं होती रही हैं। निगम के गलियारों में यह चर्चा आम है कि कई ऐसे अधिकारी हैं, जिन्होंने अपेक्षाकृत छोटे पदों पर रहते हुए भी करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्तियां अर्जित कर ली हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि जांच का दायरा आगे बढ़ता है या नहीं।
जानकारों का मानना है कि यदि ईओडब्ल्यू ने नगर निगम की वित्तीय गतिविधियों और अधिकारियों की संपत्तियों की व्यापक जांच शुरू की, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं। फिलहाल पोला राव प्रकरण ने एक बार फिर नगर निगम में पारदर्शिता, जवाबदेही और भ्रष्टाचार के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई और मूल्यांकन रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, क्योंकि इसी के आधार पर यह तय होगा कि मामला केवल एक अधिकारी तक सीमित है या नगर निगम के भीतर छिपे किसी बड़े नेटवर्क की परतें भी खुलेंगी।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment