जबलपुर। एक ओर नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार शहर को स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए लगातार मैदानी निरीक्षण कर रहे हैं, स्वच्छता व्यवस्था को लेकर नियमित निर्देश जारी कर रहे हैं और अधिकारियों की जवाबदेही तय कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, स्वास्थ्य अधिकारी श्री अभिनव मिश्रा भी लगातार सक्रिय रहकर शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई कर रहे हैं। इसके बावजूद जोन क्रमांक-2 के कई क्षेत्रों की स्थिति ऐसे प्रश्न खड़े कर रही है, जिनका उत्तर संबंधित स्वच्छता अमले को देना चाहिए।
शताब्दीपुरम, शहनाई गार्डन रोड सहित कई स्थानों पर सड़क किनारे डंप कचरा, बजबजाती नालियाँ और गंदगी यह संकेत दे रही हैं कि कहीं न कहीं आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारी के निर्देशों का पूरी गंभीरता से पालन नहीं हो रहा। यदि शीर्ष अधिकारी लगातार सक्रिय हैं, तो फिर धरातल पर यह लापरवाही क्यों दिखाई दे रही है?
सबसे गंभीर प्रश्न यह भी है कि क्या संबंधित स्वच्छता निरीक्षक और सफाई व्यवस्था से जुड़े कर्मचारी आयुक्त के निर्देशों की अनदेखी कर रहे हैं? यदि नहीं, तो फिर नियमित सफाई के बावजूद जगह-जगह कचरे के ढेर कैसे दिखाई दे रहे हैं?
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई स्थानों पर कागजों में पर्याप्त सफाई कर्मचारी और मजदूर कार्यरत दिखाए जाते हैं, लेकिन वास्तविकता में मैदान पर उतनी संख्या दिखाई नहीं देती। यदि यह आरोप सही है, तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है, क्योंकि स्वच्छता केवल अभिलेखों में नहीं, बल्कि सड़कों और मोहल्लों में दिखाई देनी चाहिए।
दुर्भाग्य यह है कि यह स्थिति केवल शताब्दीपुरम तक सीमित नहीं है। जोन क्रमांक-2 के अनेक वार्डों में समय पर कचरा उठान, नालियों की सफाई और नियमित स्वच्छता व्यवस्था को लेकर शिकायतें सामने आती रहती हैं। नागरिकों का कहना है कि शहर के अन्य जोनों में भी कई स्थानों पर यही स्थिति देखने को मिलती है।
अब सबसे बड़ा प्रश्न नगर निगम प्रशासन के समक्ष है—आखिर आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार कब उन स्वच्छता निरीक्षकों और संबंधित अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेंगे, जो निर्देशों के बावजूद व्यवस्था सुधारने में असफल साबित हो रहे हैं? यदि जवाबदेही तय होगी, तभी स्वच्छता अभियान धरातल पर प्रभावी दिखाई देगा और जबलपुर वास्तव में स्वच्छता के उच्च मानकों की ओर अग्रसर होगा।नागरिकों की अपेक्षा केवल इतनी है कि स्वच्छता अभियान फोटो, बैठकों और कागजी रिपोर्टों तक सीमित न रहे, बल्कि हर वार्ड और हर गली में उसका वास्तविक प्रभाव दिखाई दे।










