रतलाम कलेक्टर का बड़ा एक्शन: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पर पटवारी सस्पेंड
12.7% काम कर रुक गया था मामला, नोटिस का जवाब देना भी जरूरी नहीं समझा; प्रशासन ने दिखाई सख्ती
रतलाम/सैलाना। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही अब जिम्मेदार कर्मचारियों पर भारी पड़ने लगी है। फार्मर रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण अभियान में बेहद धीमी प्रगति और कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं देने पर रतलाम कलेक्टर ने पटवारी परमानन्द खेडड़ा को निलंबित कर दिया है।
हल्का नंबर 48 खेड़ीकला के पटवारी परमानन्द खेडड़ा की कार्यशैली पर प्रशासन ने गंभीर नाराजगी जताई। ग्राम खेड़ीखूर्द और हल्दूपाड़ा में फार्मर रजिस्ट्री का काम महज 12.7 प्रतिशत तक ही पहुंच सका। इसका सीधा असर तहसील सैलाना की जिलास्तरीय प्रगति पर पड़ा।
मामले को लेकर 12 अगस्त 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, लेकिन पटवारी की ओर से न तो संतोषजनक जवाब दिया गया और न ही स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया गया। यानी सरकारी काम में सुस्ती के बाद प्रशासन के नोटिस को भी गंभीरता से नहीं लिया गया।
प्रशासन ने इसे शासकीय दायित्वों और पदेन कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन माना। इसके बाद मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के नियम 9(1) के तहत पटवारी परमानन्द खेडड़ा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
निलंबन के बाद भी जवाबदेही तय
निलंबन अवधि में पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय सैलाना रहेगा। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा।
प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं में लक्ष्य से बेहद पीछे रहने और जिम्मेदारी से बचने वाले कर्मचारियों पर अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।










