भोपाल में सैफ अली खान की 1370 एकड़ जमीन पर कानूनी पेंच, ईओडब्ल्यू जांच तेज

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भोपाल में सैफ अली खान की 1370 एकड़ जमीन पर कानूनी पेंच, ईओडब्ल्यू जांच तेज

 

शत्रु संपत्ति मामले में दस्तावेजों की पड़ताल तेज, समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री ने ईओडब्ल्यू को सौंपे साक्ष्य

 

भोपाल। भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्लाह खान की संपत्तियों से जुड़े कथित शत्रु संपत्ति मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) ने जांच तेज कर दी है। मामले में अभिनेता सैफ अली खान और उनके परिवार की करीब 1370 एकड़ भूमि भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। ईओडब्ल्यू ने सैफ अली खान से संपत्तियों से संबंधित मूल दस्तावेज मांगे हैं।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय और ईओडब्ल्यू महानिदेशक को की गई शिकायत के बाद भोपाल ईओडब्ल्यू ने समाजसेवी अमिताभ अग्निहोत्री को पूछताछ एवं साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए बुलाया। अग्निहोत्री ने अपने अधिवक्ता प्रशांत पांडे के साथ ईओडब्ल्यू के डीएसपी के समक्ष लिखित साक्ष्य और दस्तावेज प्रस्तुत किए।

 

30.55 एकड़ भूमि की बिक्री पर भी सवाल

 

मामले में 31 मई 1994 को आफताब जहां बेगम द्वारा बेहटा क्षेत्र की 30.55 एकड़ भूमि सहकारी गृहनिर्माण संस्था को 30.55 लाख रुपए में बेचे जाने का उल्लेख है। शिकायत के अनुसार सौदे के समय 1.55 लाख रुपए चेक से लिए गए, जबकि शेष राशि चार किस्तों में लेने का अनुबंध हुआ था। आरोप है कि उस समय पाकिस्तान निवासी होने से जुड़े तथ्यों को छिपाकर भूमि का सौदा किया गया।

 

मर्जर एग्रीमेंट और जमीन के रिकॉर्ड की होगी पड़ताल

 

शिकायत में 29 अप्रैल 1949 के बीपी मेनन द्वारा हस्ताक्षरित नक्शे, 30 अप्रैल 1949 के मर्जर एग्रीमेंट तथा 1 जून 1949 से पहले तैयार संपत्ति सूची की मूल प्रतियों की जांच की मांग की गई है। साथ ही पूर्व भोपाल रियासत के 2,556 गांवों में नवाब परिवार की संपत्तियों की भी जांच की मांग उठी है।

 

शिकायत के अनुसार मर्जर एग्रीमेंट में 1395 एकड़ भूमि दर्ज थी, जबकि नौ गांवों में 1984.13 एकड़ अतिरिक्त भूमि नवाब परिवार के नाम दर्ज होने का दावा किया गया है। इसी अतिरिक्त भूमि के स्वामित्व और खरीद-बिक्री को लेकर भी जांच की मांग की गई है।

 

मामले में कोहेफिजा, नयापुरा और हलालपुर सहित भोपाल की नवाबी संपत्तियों के स्वामित्व को लेकर लंबे समय से कानूनी विवाद बना हुआ है। अब ईओडब्ल्यू की जांच में दस्तावेजों और राजस्व रिकॉर्ड की पड़ताल के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी।

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