जबलपुर। पीसीपीएनडीटी (पूर्व गर्भाधान एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक) अधिनियम के गंभीर उल्लंघन पर स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के तीन सोनोग्राफी सेंटरों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए हैं। राजस्व, पुलिस एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा किए गए आकस्मिक निरीक्षण में मालवीय चौक स्थित आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर, आधारताल स्थित सरल सोनोग्राफी सेंटर तथा इन दोनों संस्थानों से जुड़े ईस्ट घमापुर कांचघर स्थित महेश सोनोग्राफी सेंटर में अधिनियम के गंभीर उल्लंघन सामने आए। जांच में पाया गया कि आर के डिजिटल एक्स-रे एवं सोनोग्राफी सेंटर में आने वाली महिलाओं को कथित रूप से लिंग परीक्षण के लिए सरल सोनोग्राफी सेंटर रेफर किया जाता था। निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्रों से आवश्यक अभिलेख, रजिस्टर, फॉर्म-एफ सहित अन्य दस्तावेज विधिवत जब्त किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों एवं जांच प्रतिवेदन के आधार पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने तीनों संस्थानों के लाइसेंस निरस्त करने के आदेश जारी किए। वहीं संबंधित संचालकों के विरुद्ध पुलिस ने उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज कर विधिसम्मत विवेचना प्रारंभ कर दी है। सीएमएचओ ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि लाइसेंस निरस्त होने के बाद संबंधित संस्थान पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत किसी भी प्रकार की सोनोग्राफी अथवा अन्य पंजीयन आधारित गतिविधियों का संचालन नहीं करेंगे। आदेश का उल्लंघन किए जाने पर पीसीपीएनडीटी अधिनियम, 1994 तथा अन्य प्रचलित विधिक प्रावधानों के तहत कठोर दंडात्मक एवं वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर की टीम का ताबड़तोड़ छापा, अवैध सोनोग्राफी के तीन अड्डों पर कार्रवाई, अन्य कई सेंटर निगरानी में।
Updated On: July 31, 2026 2:35 pm

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