सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों पर कलेक्टर सख्त
निम्न गुणवत्ता से शिकायतें बंद करने वाले अधिकारियों पर होगी कार्रवाई, परिवहन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस के निर्देश
शहडोल। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने कलेक्टर कार्यालय के विराट सभागार में आयोजित समय-सीमा बैठक में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग पिछले माह की तुलना में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करें और शिकायतों के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों को केवल संख्या कम करने के उद्देश्य से निम्न गुणवत्ता के साथ बंद न किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का वास्तविक एवं संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित किया जाए। निम्न गुणवत्ता के साथ शिकायतें बंद करने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
100 दिवस से अधिक लंबित शिकायतों पर सख्ती
कलेक्टर ने 100 दिवस से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी बैठक तक इन शिकायतों का अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने कहा कि लंबे समय से लंबित प्रकरणों को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए।
कलेक्टर ने चेतावनी दी कि सीएम हेल्पलाइन में 100 दिवस से अधिक समय तक प्रकरण लंबित रहने पर संबंधित अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी विभाग प्रमुखों को सीएम हेल्पलाइन की रैंकिंग एवं निराकरण की गुणवत्ता में पिछले माह से बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
परिवहन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस
सीएम हेल्पलाइन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कलेक्टर ने परिवहन अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन विभागों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, उनके अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में कलेक्टर ने सीएम हाउस, सीएम मॉनिट तथा विभिन्न आयोगों से प्राप्त शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इन शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण करते हुए आवश्यक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री शिवम प्रजापति सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।










