रांझी तहसील में 10 माह से लंबित शिकायत , कलेक्टर महोदय, आपके समय-सीमा में निराकरण के निर्देशों का क्या मतलब
सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का आज तक निराकरण नहीं, प्रशासनिक जवाबदेही पर उठे सवाल
जबलपुर। कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने अधिकारियों को सीएम हेल्पलाइन में दर्ज शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करने को कहा है। लेकिन दूसरी ओर रांझी तहसील में पिछले दस माह से लंबित सीएम हेल्पलाइन की एक शिकायत इन निर्देशों की जमीनी हकीकत पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
सवाल यह है कि जब जिला स्तर पर शिकायतों के समय-सीमा में निराकरण के निर्देश दिए जा रहे हैं, तब रांझी तहसील में दस-दस माह से लंबित शिकायत पर कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही है? क्या संबंधित अधिकारियों तक कलेक्टर के निर्देशों का असर नहीं पहुंच रहा, या फिर शिकायतों के निराकरण को लेकर जवाबदेही तय करने की व्यवस्था प्रभावी नहीं है?
कलेक्टर श्री विश्वकर्मा ने समीक्षा बैठक में स्पष्ट कहा कि वे स्वयं भी शिकायतकर्ताओं से चर्चा कर शिकायतों के निराकरण की स्थिति की जानकारी लेंगे। ऐसे में यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि रांझी तहसील की दस माह से लंबित शिकायत की भी समीक्षा हो और यह पता लगाया जाए कि आखिर किन कारणों से उनका निराकरण अटका हुआ है।
स्वामित्व योजना में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश अपनी जगह महत्वपूर्ण हैं, लेकिन आम नागरिक की शिकायतों का समय पर समाधान भी प्रशासन की उतनी ही बड़ी जिम्मेदारी है। केवल समीक्षा बैठकों और निर्देशों से व्यवस्था में बदलाव नहीं आएगा, जब तक मैदानी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी।
अब सवाल सीधे कलेक्टर महोदय से है कि रांझी तहसील में दस माह से लंबित सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का निराकरण आखिर कब होगा? क्या इन शिकायतों पर विशेष समीक्षा कर जिम्मेदार अधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा, या आम नागरिक इसी तरह महीनों तक अपनी समस्या के समाधान की प्रतीक्षा करता रहेगा?










