बालाघाट में 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते लेखापाल रंगे हाथ गिरफ्तार, भ्रष्टाचार के खिलाफ लगातार हो रही कार्रवाई से सरकारी दफ्तरों में बढ़ी बेचैनी
जबलपुर। बालाघाट लोकायुक्त की लगातार कार्रवाईयों से सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों की नींद उड़ती नजर आ रही है। ताजा मामले में लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने बालाघाट जिले के वारासिवनी क्षेत्र स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कायदी के लेखापाल को 4 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है।
जानकारी के अनुसार विद्यालय के शिक्षक नरेंद्र कुमार डोहरे की वेतन विसंगति के कारण जुलाई 2017 से दिसंबर 2023 तक का कुल 94 हजार 85 रुपये एरियर स्वीकृत हुआ था। इसमें से 66 हजार 557 रुपये का भुगतान पहले ही किया जा चुका था, जबकि शेष 27 हजार 528 रुपये जारी करने के एवज में विद्यालय के लेखापाल वोमेंद्र रोकड़े द्वारा 4 हजार रुपये रिश्वत की मांग की जा रही थी।
पीड़ित शिक्षक ने इसकी शिकायत लोकायुक्त जबलपुर में की। शिकायत का सत्यापन होने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कार्रवाई की। बुधवार को विद्यालय परिसर में शिक्षक कक्ष के भीतर जाल बिछाकर आरोपी लेखापाल को रिश्वत की राशि लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक अंजुलता पटले ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई में निरीक्षक राहुल गजभिए, टीएलओ निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही।
भ्रष्ट तंत्र में बढ़ी बेचैनी
लोकायुक्त की इस कार्रवाई के बाद प्रदेश भर के सरकारी विभागों में चर्चा का माहौल है। जबलपुर सहित विभिन्न शासकीय कार्यालयों में भ्रष्टाचार की शिकायतों को लेकर लगातार निगरानी रखी जा रही है। ऐसे में रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों-कर्मचारियों के बीच हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है। प्रशासनिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज है कि आने वाले समय में लोकायुक्त की कार्रवाई और अधिक प्रभावी रूप में सामने आ सकती है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी इस अभियान ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि शिकायत सही होने पर किसी भी स्तर के अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।










