700 से ज्यादा केसों में फर्जी गवाह! इंदौर के पूर्व TI दिनेश वर्मा पर गिरी गाज

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निरीक्षक से पदावनत कर बनाए गए सब इंस्पेक्टर, जांच में विवेचना में लापरवाही के आरोप भी सामने आए

इंदौर। पुलिस विभाग में 700 से अधिक आपराधिक प्रकरणों में कथित रूप से फर्जी गवाह प्रस्तुत करने का गंभीर मामला सामने आया है। मामले में इंदौर के पूर्व थाना प्रभारी दिनेश वर्मा के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें निरीक्षक पद से पदावनत कर सब इंस्पेक्टर बना दिया गया है।

पुलिस कमिश्नर संतोष सिंह के आदेश के बाद यह कार्रवाई की गई। रिपोर्टों के अनुसार, थाना प्रभारी के रूप में कार्यकाल के दौरान दिनेश वर्मा पर 700 से अधिक आपराधिक मामलों में न्यायालय के समक्ष फर्जी गवाह प्रस्तुत करने के आरोप लगे थे। शिकायत के बाद पुलिस मुख्यालय स्तर पर जांच कराई गई, जिसमें गंभीर अनियमितताओं के संकेत सामने आए।

सिर्फ गवाहों का मामला नहीं, विवेचना पर भी सवाल

जांच में कई महत्वपूर्ण आपराधिक प्रकरणों की विवेचना में लापरवाही के आरोप भी सामने आने की बात कही गई है। आरोप है कि समय पर और निष्पक्ष जांच नहीं होने से कुछ मामलों की न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित हुई।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि मामले में अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में है। यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

सबसे बड़ा सवाल—निलंबन क्यों नहीं?

700 से अधिक प्रकरणों में फर्जी गवाह प्रस्तुत करने जैसे गंभीर आरोपों के बीच विभागीय कार्रवाई तो हुई, लेकिन निलंबन नहीं किया गया।

अब बड़ा सवाल यही है कि इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पूर्व थाना प्रभारी को केवल पदावनत करने की कार्रवाई क्यों की गई? क्या विभागीय कार्रवाई पर्याप्त है या मामले की गंभीरता को देखते हुए निलंबन सहित अन्य कठोर कार्रवाई भी होनी चाहिए थी?

फिलहाल अन्य अधिकारियों की भूमिका की जांच जारी होने की बात सामने आई है।

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