लखनऊ। राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को एक निजी कोचिंग संस्थान में लगी भीषण आग ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। आग इतनी तेजी से फैली कि भवन में मौजूद छात्रों और कर्मचारियों में अफरा-तफरी मच गई। जान बचाने के लिए कई छात्रों को ऊपरी मंजिलों से छलांग लगानी पड़ी। हादसे में कई लोगों की मौत एवं अनेक के घायल होने की सूचना है। राहत एवं बचाव कार्य देर तक जारी रहा।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भवन से अचानक धुआं उठना शुरू हुआ और देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा फंसे लोगों को बाहर निकालने का अभियान शुरू किया। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर निजी संस्थानों और व्यावसायिक भवनों में फायर सेफ्टी व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर कर दी है। प्रारंभिक चर्चाओं में यह सवाल उठ रहा है कि क्या भवन में पर्याप्त अग्निशमन उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, धुआं अलार्म एवं सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था। विशेषज्ञों का मानना है कि अनेक संस्थानों में फायर सेफ्टी नियमों की अनदेखी और नियमित निरीक्षण का अभाव ऐसी दुर्घटनाओं को और घातक बना देता है।
स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जाए तथा शहर के सभी कोचिंग संस्थानों, स्कूलों और व्यावसायिक भवनों की फायर सेफ्टी ऑडिट कराई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदियों को रोका जा सके।
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों के प्रति लापरवाही के संभावित परिणामों की गंभीर चेतावनी है।यह कॉपी सीधे प्रिंट मीडिया में उपयोग की जा सकती है।









