सोसायटी ने बेच दी सरकारी जमीन!
कलेक्टर से शिकायत के बाद तहसीलदार की जांच, करीब 6 हजार वर्गफीट जमीन शासकीय मिली
जबलपुर
गोरखपुर अनुभाग क्षेत्र में सरकारी जमीन की कथित बिक्री का मामला सामने आया है। सैनिक गृह निर्माण सहकारी समिति पर आरोप है कि उसने खसरा नंबर 181, 182 और 183 की करीब 6 हजार वर्गफीट शासकीय जमीन को अपनी बताते हुए किसी व्यक्ति को बेच दिया। जमीन पर निर्माण कार्य शुरू होने के बाद मामले की शिकायत कलेक्टर से की गई। कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में जमीन शासकीय पाए जाने के बाद तहसीलदार गोरखपुर ने निर्माण कार्य पर रोक लगाने की कार्रवाई की है।
शिकायत के अनुसार शहीद गुलाब सिंह वार्ड स्थित सैनिक सोसायटी, पानी की टंकी के समीप की जमीन को सहकारी समिति द्वारा अपना बताया गया और कथित रूप से उसका विक्रय कर दिया गया। इसके बाद संबंधित जमीन पर निर्माण कार्य भी शुरू हो गया।
मामले की शिकायत सैनिक सोसायटी, शक्तिनगर निवासी मनीष, ए.के. सिंह और आर. पटेल सहित अन्य ने कलेक्टर से की थी। शिकायतकर्ताओं ने जमीन के स्वामित्व और निर्माण कार्य की जांच की मांग की।
पटवारी रिपोर्ट में शासकीय जमीन की पुष्टि
कलेक्टर के निर्देश पर तहसीलदार गोरखपुर द्वारा जमीन की जांच कराई गई। जांच के दौरान पटवारी की रिपोर्ट में संबंधित जमीन के शासकीय होने की बात सामने आई। इसके बाद तहसीलदार ने मौके पर चल रहे निर्माण और अन्य गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
एसडीएम गोरखपुर अनुराग सिंह ने बताया कि शिकायत की जांच में जिस जमीन को सोसायटी की ओर से बताया जा रहा था, वह शासकीय पाई गई है। तहसीलदार द्वारा स्टे की कार्रवाई की गई है।
अब जांच का दायरा भी अहम
सरकारी जमीन को निजी या सोसायटी की जमीन बताकर उसका कथित विक्रय किए जाने के आरोप ने जमीन के रिकॉर्ड और लेन-देन की प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब यह जांच का विषय होगा कि संबंधित जमीन को किस आधार पर सोसायटी की संपत्ति बताया गया, विक्रय की प्रक्रिया कैसे हुई और निर्माण के लिए अनुमति किस आधार पर प्राप्त की गई।
प्रशासन की कार्रवाई के बाद निर्माण पर फिलहाल रोक लग गई है, लेकिन पूरे मामले में जमीन के रिकॉर्ड, कथित विक्रय और संबंधित दस्तावेजों की जांच से ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट होगी।










