जोन क्रमांक 14 में रविवार की छुट्टी नहीं, स्वच्छता पहले—स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा और सी एस आई संदीप पटेल की तत्परता से सक्रिय स्वच्छता कर्मी

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जोन क्रमांक 14 में रविवार की छुट्टी नहीं, स्वच्छता पहले—स्वास्थ्य अधिकारी अभिनव मिश्रा और सी एस आई संदीप पटेल की तत्परता से सक्रिय स्वच्छता कर्मी

 

निगमायुक्त के निर्देशन में स्वच्छता कर्मियों ने संभाला मोर्चा, सड़कों से मिट्टी और कचरा हटाने में जुटी टीम

 

जबलपुर।

रविवार आमतौर पर विश्राम का दिन माना जाता है, लेकिन नगर की स्वच्छता व्यवस्था के लिए यह दिन भी कर्तव्य से विराम लेने का अवसर नहीं है। नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग के स्वच्छता कर्मचारी रविवार को भी पूरी मुस्तैदी और लगन के साथ शहर को स्वच्छ रखने के कार्य में जुटे नजर आए।

 

स्वास्थ्य विभाग के स्वास्थ्य अधिकारी श्री अभिनव मिश्रा की तत्परता, सहज कार्यशैली और स्वच्छता के प्रति संवेदनशील दृष्टिकोण कर्मचारियों में भी जिम्मेदारी और उत्साह का भाव पैदा करती दिखाई दे रही है। उनका मानना है कि स्वच्छता केवल एक विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि शहर के प्रति सामूहिक कर्तव्य है।

 

छुट्टी बाद में, शहर की स्वच्छता पहले

 

रविवार की सुबह जब शहर के कई हिस्सों में लोग अवकाश का आनंद ले रहे थे, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम सड़कों पर अपने दायित्व में जुटी रही। सीएसआई संदीप पटेल, सहायक कोदूलाल अहिरवार, आनंद द्विवेदी, सुपरवाइजर अनिल, सहायक सुपरवाइजर जीतू तथा डोर-टू-डोर व्यवस्था के सुपरवाइजर दीपक यादव सहित अन्य कर्मचारी स्वच्छता कर्मियों के साथ मौके पर लगातार काम करते दिखाई दिए।

 

टीम द्वारा सड़कों की सफाई, जमा मिट्टी को हटाने, कचरा उठाने और आसपास के क्षेत्रों को व्यवस्थित करने का कार्य किया गया। सफाई कर्मचारियों ने श्रम और अनुशासन के साथ अपने दायित्व को प्राथमिकता दी।

 

मुस्तैदी में दिखा स्वच्छता का संकल्प

 

शहर की स्वच्छता व्यवस्था केवल मशीनों और संसाधनों से नहीं, बल्कि उन कर्मचारियों की मेहनत से भी आकार लेती है, जो सुबह से लेकर दिनभर सड़कों पर दिखाई देते हैं। रविवार को भी उनकी सक्रियता यही संदेश देती है कि स्वच्छ शहर का संकल्प कैलेंडर में छुट्टी देखकर नहीं रुकता।

 

स्वास्थ्य विभाग की टीम की यह सक्रियता बताती है कि जब नेतृत्व सहज हो, अधिकारी कर्मचारियों के साथ खड़े हों और काम को केवल औपचारिकता नहीं बल्कि जिम्मेदारी माना जाए, तो व्यवस्था में सकारात्मक ऊर्जा स्वतः दिखाई देने लगती है।

 

रविवार विश्राम का दिन हो सकता है, लेकिन स्वच्छता के लिए समर्पित कर्मचारियों के लिए शहर की सफाई ही सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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