3 कलेक्टर, 6 एसपी समेत SDM-तहसीलदारों पर कार्रवाई की अनुशंसा
खरगोन। राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष डॉ. कैलाश जाटव ने प्रशासनिक अधिकारियों को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़ी योजनाओं के क्रियान्वयन और शिकायतों के निराकरण से आयोग संतुष्ट नहीं है। आयोग ने 3 कलेक्टर, 6 एसपी समेत कई एसडीएम और तहसीलदारों के खिलाफ कार्रवाई की शासन से अनुशंसा की है।
जाटव ने रीवा में बायपास निर्माण के लिए अनुसूचित जाति वर्ग की जमीनों की कथित गलत रजिस्ट्री के मामले का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस मामले में अनुसूचित जाति वर्ग के भूमि मालिकों को बुलाकर रजिस्ट्रियां कराई गईं और इसमें प्रशासनिक स्तर पर भी भूमिका होने की बात सामने आई है। मामले की ईओडब्ल्यू जांच चल रही है तथा संबंधित विभागीय स्तर पर भी जांच की गई है।
आयोग अध्यक्ष ने कहा कि जांच में जो भी प्रशासनिक अधिकारी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकारों और हितों से जुड़े मामलों में लापरवाही अथवा अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
छात्रावासों और बस्तियों की व्यवस्थाओं पर भी नाराजगी
खरगोन के तीन दिवसीय दौरे के दौरान आयोग अध्यक्ष ने छात्रावासों में कई कमियां देखीं। वहीं अनुसूचित जाति बस्तियों में गंदगी और पेयजल की समस्या को लेकर भी उन्होंने अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
डॉ. जाटव ने कहा कि आयोग ऐसे मामलों की जांच कर रहा है और दोषियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। प्रशासनिक अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शासन को आवश्यक अनुशंसा भेजी गई है।










