डेंगू का डंक… 24 संक्रमित, लेकिन नगर निगम का मलेरिया विभाग आखिर कहां गायब?
बारिश शुरू, मच्छर बेखौफ… दवा छिड़काव का कहीं नामोनिशान नहीं, लापरवाही पर उठे सवाल
जबलपुर। शहर में डेंगू ने दस्तक दे दी है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार अब तक 24 डेंगू मरीज सामने आ चुके हैं, जबकि चिकनगुनिया और मलेरिया के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण हर गली, हर मोहल्ले, हर वार्ड और कॉलोनियों में पानी जमा है, जिससे डेंगू फैलाने वाले एडीज मच्छर तेजी से पनप रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम का मलेरिया विभाग आखिर कहां है?
शहर में नालियों, खाली प्लॉटों, कूलरों, पुराने टायरों, गमलों और जलभराव वाले स्थानों पर मच्छरों का प्रजनन खुलेआम हो रहा है, लेकिन नगर निगम की ओर से न तो व्यापक फॉगिंग दिखाई दे रही है और न ही एंटी लार्वा दवाओं का नियमित छिड़काव। जिम्मेदार विभाग की यह चुप्पी अब लोगों की चिंता बढ़ा रही है।
मलेरिया विभाग सो रहा है या इंतजार कर रहा है?
बारिश का मौसम हर साल डेंगू और मलेरिया के लिए सबसे संवेदनशील माना जाता है। इसके बावजूद शहर में दवा छिड़काव और मच्छर नियंत्रण अभियान लगभग नदारद है। सवाल उठता है कि क्या नगर निगम का मलेरिया विभाग किसी बड़े प्रकोप का इंतजार कर रहा है? जब मरीज बढ़ने लगे हैं, तब भी कार्रवाई जमीन पर क्यों दिखाई नहीं दे रही?
हर वार्ड में मच्छरों की फैक्ट्री
शहर की अधिकांश कॉलोनियों में नालियां गंदगी से भरी हैं। जगह-जगह पानी जमा है, जहां डेंगू के मच्छर अंडे दे रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई क्षेत्रों में महीनों से फॉगिंग नहीं हुई। एंटी लार्वा दवा का छिड़काव भी केवल कागजों तक सीमित नजर आता है।
कर्मचारी आखिर किस कोने में बैठे हैं?
नगर निगम के मलेरिया विभाग के कर्मचारियों का दायित्व घर-घर पहुंचकर लार्वा नष्ट करना, दवा छिड़काव करना और लोगों को जागरूक करना है। लेकिन जब पूरे शहर में मच्छर बेखौफ घूम रहे हैं तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर ये कर्मचारी किस कोने में बैठे हैं? कहीं ऐसा तो नहीं कि डेंगू के मच्छर अंडे दे रहे हैं और जिम्मेदार कर्मचारी भी अपने दायित्वों को छोड़ किसी कोने में बैठे “अंडे दे रहे” हैं? यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।
24 डेंगू मरीजों की पुष्टि
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जुलाई के पहले पखवाड़े में 24 डेंगू, 18 चिकनगुनिया और 3 मलेरिया मरीजों की पुष्टि हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तेज बुखार, बदन दर्द या लाल चकत्ते दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं।
जनता पूछ रही है…
- बारिश शुरू होने के बाद भी नियमित फॉगिंग क्यों नहीं हो रही?
- एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किन क्षेत्रों में किया गया?
- नगर निगम का मलेरिया विभाग रोज क्या काम कर रहा है?
- क्या कार्रवाई केवल कागजों में हो रही है?
- आखिर जिम्मेदारी तय कब होगी?
शहरवासियों का कहना है कि यदि अभी भी नगर निगम और उसका मलेरिया विभाग नहीं जागा, तो डेंगू का यह डंक आने वाले दिनों में और खतरनाक साबित हो सकता है। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि सड़कों पर दिखाई देने वाली कार्रवाई चाहती है।










