सतना नगर निगम में 1096 मस्टर कर्मियों की मौजूदगी पर बड़ा सवाल! ₹1.46 करोड़ के मासिक वेतन का हिसाब कौन देगा
बिना काम वेतन लेने का आरोप, पार्षद नम्रता सिंह ने मांगा भौतिक सत्यापन; नगर निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सतना। नगर निगम सतना में 1096 मस्टर कर्मचारियों की नियुक्ति, उपस्थिति और कार्यस्थल पर वास्तविक मौजूदगी को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इन कर्मचारियों पर प्रतिमाह करीब 1 करोड़ 46 लाख रुपये वेतन भुगतान किए जाने की जानकारी के बीच अब कथित अनियमितताओं की आशंका जताई जा रही है।
मामले को लेकर पार्षद नम्रता सिंह ने नगर निगम परिषद अध्यक्ष को पत्र लिखकर सभी 1096 मस्टर कर्मियों का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। आरोप है कि कई कर्मचारी नियमित रूप से कार्यस्थल पर उपस्थित हुए बिना ही वेतन प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
एक करोड़ 46 लाख रुपये हर महीने, जवाबदेही किसकी?
यदि कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति और वेतन भुगतान में अंतर पाया जाता है, तो यह नगर निगम की प्रशासनिक व्यवस्था और सार्वजनिक धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े करेगा। ऐसे में प्रत्येक कर्मचारी का नाम, पदस्थापना स्थल, उपस्थिति रजिस्टर, कार्य विवरण और बैंक खाते में किए गए वेतन भुगतान का मिलान आवश्यक माना जा रहा है।
अब जांच से ही सामने आएगी सच्चाई
पार्षद की मांग के बाद अब निगाहें नगर निगम प्रशासन पर टिकी हैं। सवाल यह है कि क्या सभी 1096 कर्मचारियों का निष्पक्ष भौतिक सत्यापन कराया जाएगा? क्या बिना काम वेतन लेने की शिकायतों की जांच होगी? और यदि अनियमितता प्रमाणित होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई कब होगी?
जनता के टैक्स से होने वाले वेतन भुगतान में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना नगर निगम प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उजाला दर्पण की नजर: 1096 कर्मचारियों की वास्तविक उपस्थिति का सत्यापन केवल प्रशासनिक औपचारिकता नहीं, बल्कि सार्वजनिक धन की जवाबदेही का सवाल है।
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