55 हजार की रिश्वत मांगी, 14 हजार की पहली किश्त लेते उपयंत्री गिरफ्तार
ठेकेदार से सिक्योरिटी डिपॉजिट और बकाया भुगतान के एवज में मांगी थी रकम, इंदौर लोकायुक्त ने पुनासा कार्यालय में दबोचा
खंडवा। सरकारी काम का भुगतान और सिक्योरिटी डिपॉजिट लौटाने के एवज में 55 हजार रुपए की कथित रिश्वत मांगने वाले नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (एनवीडीए) के उपयंत्री अशोक गौतम को इंदौर लोकायुक्त की टीम ने बुधवार को 14 हजार रुपए की पहली किश्त लेते रंगेहाथ पकड़ लिया। कार्रवाई पुनासा स्थित एनवीडीए कार्यालय के तकनीकी कक्ष में की गई।
जानकारी के अनुसार, ग्राम धूलवाड़ा निवासी ठेकेदार लखन राठौर ने वर्ष 2024 में एनवीडीए पुनासा में चौकीदार कक्ष और जनरेटर कक्ष निर्माण का ठेका लिया था। करीब एक वर्ष में निर्माण कार्य पूरा करने के बाद ठेकेदार भुगतान और अपनी जमा सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि वापस लेने के लिए कार्यालय के चक्कर लगा रहा था।
भुगतान के बदले 55 हजार की मांग
ठेकेदार के मुताबिक उसे करीब 13 लाख रुपए का भुगतान मिल चुका था, लेकिन कुछ बकाया राशि और सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस होना बाकी था। इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के एवज में उपयंत्री अशोक गौतम द्वारा कथित तौर पर 55 हजार रुपए की रिश्वत मांगी गई।
ठेकेदार ने 10 सितंबर 2026 को मामले की शिकायत इंदौर लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत की मांग की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त ने ट्रैप की कार्रवाई की योजना बनाई।
तकनीकी कक्ष में जैसे ही लिए रुपए, टीम ने दबोचा
लोकायुक्त एसपी राजेश सहाय के निर्देशन और निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में टीम गठित की गई। बुधवार को ठेकेदार 14 हजार रुपए की पहली किश्त लेकर एनवीडीए कार्यालय पहुंचा। तकनीकी कक्ष में जैसे ही उपयंत्री ने कथित रूप से रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, बाहर निगरानी कर रही लोकायुक्त टीम ने उसे पकड़ लिया।
कार्रवाई के बाद कार्यालय में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त टीम ने आरोपी उपयंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में आगे की जांच जारी है।










