इंदौर: नगर निगम मल्टी में बड़ा हादसा, सोते समय 2 फीट धंसी फ्लैट की जमीन, गड्ढे में समाया परिवार
इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर स्थित गांधी नगर में एक रिहाइशी इमारत के अंदर की जमीन अचानक धंसने से हड़कंप मच गया। शुक्रवार रात करीब 11 बजे नगर निगम मल्टी के एक फ्लैट में अचानक जमीन 1 से 2 फीट तक नीचे धंस गई। उस समय घर के पांच सदस्य फर्श पर बिस्तर लगाकर सो रहे थे, जो जमीन धंसने के साथ ही बिस्तर सहित गड्ढे में जा गिरे।
बिस्तर सहित नीचे गिरे लोग, दिखने लगे सरिये
पीड़ित कन्हैया खराटे ने बताया कि रात को पूरा परिवार सो रहा था, तभी अचानक उनके नीचे की जमीन धंस गई। हादसे में फ्लोर की टाइल्स पूरी तरह टूटकर बिखर गईं और नीचे के स्लैब के सरिये तक दिखाई देने लगे। घटना के तुरंत बाद भयभीत परिवार घर से बाहर भाग निकला।
15 साल पुरानी बिल्डिंग, 1288 फ्लैट्स में पसरा डर
यह हादसा गांधी नगर स्थित उस मल्टी में हुआ है जिसे लगभग 15 वर्ष पूर्व जेएनएनयूआरएम (JNNURM) योजना के तहत बनाया गया था। इस परिसर में कुल 1288 आवासीय इकाइयां हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इमारत के निर्माण की गुणवत्ता में पहले से ही कमियां थीं और हाल ही में दो अन्य फ्लैट्स की स्लैब भी काफी जर्जर अवस्था में पाई गई हैं।
प्रशासन की कार्रवाई और मरम्मत कार्य
घटना की सूचना मिलने के बाद रविवार सुबह नगर निगम के प्रभारी महापौर व जनकार्य प्रभारी राजेन्द्र राठौर और जोन-16 के जोनल अधिकारी निर्माता हिण्डोलिया की टीम मौके पर पहुंची। अफसरों ने प्रभावित फ्लैट की खुदाई शुरू करवाकर स्लैब डालकर स्ट्रक्चर को पक्का करने का काम शुरू करवाया है। साथ ही पूरे परिसर के आकलन के लिए मरम्मत प्रस्ताव बनाने के निर्देश दिए गए हैं।
निर्माण गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल
महज 15 साल पुरानी बहुमंजिला इमारत में इस तरह जमीन धंसने और पूर्व में कॉलम झुकने जैसी घटनाओं ने नगर निगम के निर्माण और रखरखाव पर सवाल खड़े कर दिए हैं। रहवासियों की मांग है कि पूरे परिसर की तकनीकी जांच कराई जाए ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा घटिया निर्माण सामग्री के कारण हुआ है या जमीन के अंदर किसी तकनीकी खराबी की वजह से।










