रातभर चला जबलपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शिकंजा’, 254 वारंट तामील
कई वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे 110 गैर-जमानती वारंटी दबोचे, 73 गिरफ्तारी और 71 जमानती वारंट भी हुए तामील
जबलपुर। अपराधियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ जबलपुर पुलिस ने देर रात तक बड़े स्तर पर कांबिंग गश्त और धरपकड़ अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय (भा.पु.से.) के निर्देश पर 12 सितंबर की रात से 13 सितंबर की रात तक चले अभियान में पुलिस टीमों ने जिलेभर में दबिश देकर कुल 254 लंबित वारंट तामील किए।
इस कार्रवाई में लंबे समय से फरार चल रहे 110 गैर-जमानती वारंटियों, 73 गिरफ्तारी वारंट तथा 71 जमानती वारंट तामील किए गए। पुलिस के मुताबिक इनमें बड़ी संख्या ऐसे आरोपियों की थी, जो लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचते हुए फरारी काट रहे थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।
रात 9 बजे से तड़के 2 बजे तक चला अभियान
अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था मजबूत करने, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और लंबित वारंटों की तामीली के लिए 12 सितंबर रात 9 बजे से 13 सितंबर तड़के 2 बजे तक शहर और देहात क्षेत्र में व्यापक कांबिंग गश्त की गई।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर डॉ. आयुष जाखड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-2 पल्लवी शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जोन-4 अंजना तिवारी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुख्यालय सूर्यकांत शर्मा तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात अखिलेश तिवारी सहित नगर पुलिस अधीक्षकों, उप पुलिस अधीक्षकों और एसडीओपी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारियों और पुलिस टीमों ने अभियान को अंजाम दिया।
हर थाने की टीम मैदान में, घर-घर दी दबिश
कांबिंग गश्त के लिए शहर और देहात के विभिन्न थानों में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की अलग-अलग टीमें गठित की गई थीं। कई टीमों का नेतृत्व थाना प्रभारियों ने स्वयं किया, जबकि अन्य टीमों की कमान उप निरीक्षक और सहायक उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को सौंपी गई।
टीमों ने संभावित ठिकानों पर दबिश देकर लंबे समय से फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया और लंबित वारंटों की तामीली की।
गुंडे-बदमाशों से लेकर संदिग्धों तक की जांच
अभियान केवल वारंटियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहा। पुलिस टीमों ने सक्रिय गुंडे-बदमाशों को चेक किया, देर रात आने-जाने वाले लोगों से पूछताछ की और संदिग्ध व्यक्तियों तथा वाहनों की जांच की।
रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और मुसाफिरखानों में भी विशेष निगरानी रखी गई। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग की गई।
एसपी बोले—कानून से बचने वालों को अब कोई राहत नहीं
पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय ने कहा कि यह कार्रवाई पुलिस के निरंतर प्रयासों का परिणाम है। जनता में सुरक्षा की भावना पैदा करना और कानून का पालन सुनिश्चित करना पुलिस की प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से कानून से बचते फिर रहे अपराधियों और वारंटियों की गिरफ्तारी आवश्यक थी। इस तरह की कार्रवाई भविष्य में भी लगातार जारी रहेगी, ताकि जिले में अपराध और अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
जबलपुर पुलिस की इस रातभर चली कार्रवाई ने एक स्पष्ट संदेश दिया है—कानून की नजर से लंबे समय तक बच निकलना आसान नहीं है।










