12 हजार की ‘कनेक्शन फीस’! लोकायुक्त ने JE-लाइनमैन को दबोचा
जबलपुर। बिजली का स्थाई कनेक्शन चाहिए तो आवेदन, दस्तावेज और निर्धारित शुल्क के बाद मीटर लगना चाहिए, लेकिन कटंगी में कथित तौर पर ‘कनेक्शन’ से पहले रिश्वत का करंट दौड़ रहा था। 3 एचपी के स्थाई बिजली कनेक्शन के लिए 15 हजार रुपये की कथित मांग की गई और मामला 12 हजार में ‘सेटल’ होने की बात सामने आई। आखिरकार लोकायुक्त की टीम ने ट्रैप कर जूनियर इंजीनियर और लाइनमैन को रंगे हाथ पकड़ लिया।
मामला कटंगी स्थित मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के सहायक अभियंता कार्यालय का है। यहां पदस्थ जूनियर इंजीनियर मनोज कुमार दुबे और लाइनमैन धनेश कुमार शुक्ला को जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा।
3 एचपी कनेक्शन, लेकिन ‘रेट’ 15 हजार!
लोकायुक्त के अनुसार जमुनिया गांव निवासी मुकेश कुमार यादव कृषि भूमि में मोटर चलाने के लिए 3 एचपी का स्थाई बिजली कनेक्शन लेना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने कटंगी कार्यालय में आवेदन किया था। आरोप है कि कनेक्शन के एवज में दोनों कर्मचारियों ने 15 हजार रुपये की रिश्वत मांगी।
शिकायत जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय पहुंची। सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद ट्रैप की योजना बनाई गई। बाद में आरोपी 12 हजार रुपये लेने के लिए तैयार हो गए।
बस फिर क्या था—बिजली विभाग के दफ्तर में लोकायुक्त ने ऐसा ‘करंट’ दौड़ाया कि कथित रिश्वत का खेल ही शॉर्ट-सर्किट हो गया। टीम ने दोनों को शिकायतकर्ता से 12 हजार रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत की रकम जब्त कर ली।
कनेक्शन बिजली का था, करंट रिश्वत में निकला
विडंबना देखिए—किसान अपनी जमीन पर मोटर चलाने के लिए बिजली कनेक्शन मांग रहा था और आरोप है कि व्यवस्था के जिम्मेदार ही उससे कथित तौर पर अतिरिक्त रकम मांग रहे थे। सरकारी सेवा का काम जहां निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क से होना चाहिए, वहां यदि ‘ऊपरी खर्च’ का आरोप सामने आए तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि कनेक्शन लाइन से मिलना था या फिर जेब से?
कार्रवाई लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले के निर्देशन में की गई। ट्रैप दल में उप पुलिस अधीक्षक नीतू त्रिपाठी, टीएलओ निरीक्षक शशि कला मुस्कुले, निरीक्षक जितेंद्र यादव सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे।
लोकायुक्त ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो तत्काल लोकायुक्त कार्यालय को सूचना दें।
फिलहाल 12 हजार रुपये की कथित ‘कनेक्शन फीस’ ने दो कर्मचारियों का कनेक्शन सीधे लोकायुक्त से करा दिया है।










