जीपीएफ की रकम निकालने मांगी रिश्वत, 5 हजार लेते शिक्षा विभाग का बाबू लोकायुक्त के शिकंजे में
मंडला/नारायणगंज। भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त जबलपुर ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नारायणगंज में पदस्थ बाबू/सहायक नोखेलाल बेलिया को 5 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। आरोप है कि उसने एक भृत्य से उसकी करीब एक लाख रुपए की जीपीएफ राशि निकलवाने के एवज में 10 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी।
जानकारी के अनुसार सिवनी माल कन्या आश्रम में पदस्थ भृत्य दशरथ लाल बरमैया ने जीपीएफ राशि के भुगतान के लिए आवेदन दिया था। आरोप है कि कार्यालय में पदस्थ नोखेलाल बेलिया ने काम कराने के बदले पहले 10 हजार रुपए की मांग की। बातचीत के बाद सौदा 8 हजार रुपए में तय हुआ और पहली किस्त के रूप में 5 हजार रुपए देना तय हुआ।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने मामले का सत्यापन कराया और ट्रेप की कार्रवाई की योजना बनाई। 13 अगस्त 2026 को जैसे ही दशरथ लाल ने आरोपी बाबू को 5 हजार रुपए दिए, लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
कार्रवाई में लोकायुक्त डीएसपी रेखा प्रजापति, निरीक्षक उमा कुशवाह सहित लोकायुक्त जबलपुर की टीम शामिल रही। कार्रवाई के बाद आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
लोकायुक्त की कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप
जीपीएफ जैसी कर्मचारी की वैधानिक राशि के भुगतान के लिए रिश्वत मांगने के आरोप में हुई इस कार्रवाई ने सरकारी कार्यालयों में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। लोकायुक्त टीम मामले की आगे जांच कर रही है।










