टीकमगढ़। मध्यप्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में शुक्रवार को टीकमगढ़ कलेक्ट्रेट स्थित स्वास्थ्य विभाग में लोकायुक्त सागर की टीम ने बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (एमपीडब्ल्यू) देशराज घोष को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई से स्वास्थ्य विभाग सहित पूरे कलेक्ट्रेट परिसर में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, एक फरियादी ने लोकायुक्त पुलिस से शिकायत की थी कि विभागीय कार्य के बदले उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की जा रही है। शिकायत का सत्यापन कराने के बाद लोकायुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया। तय योजना के अनुसार जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को रिश्वत की राशि सौंपी और आरोपी ने पैसे स्वीकार किए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।
कार्रवाई के दौरान रिश्वत की राशि जब्त कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। इसके बाद आरोपी से पूछताछ शुरू की गई। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और पूरे प्रकरण की जांच जारी है। जांच के दौरान रिश्वत की मांग के कारण, संबंधित विभागीय कार्य तथा अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।
लोकायुक्त की इस कार्रवाई को प्रदेश में भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान की एक महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्यों के बदले रिश्वत मांगने वाले किसी भी कर्मचारी या अधिकारी के विरुद्ध इसी प्रकार कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।










