बाजार अधीक्षक राजेंद्र दुबे को आयुक्त महोदय ने कहा—“दुबे जी, आप तो छा गए”
पीएम स्वनिधि जनसंवाद कार्यक्रम में बाजार विभाग की त्वरित सेवा व्यवस्था ने खींचा आयुक्त का ध्यान
जबलपुर। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के अंतर्गत संत रविदास सामुदायिक भवन में आयोजित पीएम स्वनिधि जनसंवाद कार्यक्रम में नगर निगम के बाजार विभाग की सक्रियता और त्वरित सेवा व्यवस्था विशेष रूप से नजर आई।
संत रविदास भवन के बाहर मैदान में पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों द्वारा अपने-अपने स्टॉल लगाए गए थे। वहीं नगर निगम की ओर से बाजार विभाग का विशेष स्टॉल लगाया गया था, जहां नागरिकों को मौके पर ही लाइसेंस बनाने सहित संबंधित सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही थीं।
कार्यक्रम के दौरान नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान जब उनकी नजर बाजार विभाग के स्टॉल पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि विभाग द्वारा नागरिकों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए मौके पर ही लाइसेंस संबंधी कार्यवाही और त्वरित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
बाजार विभाग की इस सक्रियता और व्यवस्थित कार्यशैली को देखकर आयुक्त महोदय ने बाजार अधीक्षक श्री राजेंद्र दुबे की मेहनत और लगन की सराहना की। आत्मीयता के साथ उनके कंधे पर हाथ रखते हुए आयुक्त महोदय ने कहा—
“दुबे जी, आप तो छा गए।”
आयुक्त महोदय के ये शब्द बाजार विभाग की कार्यशैली के लिए उत्साहवर्धन का संदेश बन गए। यह उस कर्मठता की सराहना थी, जिसमें अधिकारी और कर्मचारी बिना किसी अतिरिक्त प्रचार के अपने दायित्व को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं।
कहा भी जाता है—
“कर्मठ व्यक्ति को अपनी पहचान बताने की जरूरत नहीं होती,
उसका काम ही उसकी पहचान बन जाता है।
मेहनत को प्रशंसा की तलाश नहीं होती,
सच्ची मेहनत स्वयं प्रशंसा को अपने तक खींच लाती है।”
पीएम स्वनिधि जनसंवाद कार्यक्रम में बाजार विभाग द्वारा लगाया गया स्टॉल इसी कार्यसंस्कृति की एक तस्वीर प्रस्तुत करता दिखाई दिया। जहां एक ओर योजना के हितग्राही अपने व्यवसाय और उपलब्धियों को लेकर स्टॉल लगाए हुए थे, वहीं दूसरी ओर नगर निगम का बाजार विभाग नागरिकों को मौके पर ही आवश्यक लाइसेंस संबंधी सुविधा उपलब्ध कराने में जुटा था।
इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरल, सहज और त्वरित सेवा उपलब्ध कराना था, ताकि छोटी-छोटी प्रक्रियाओं के लिए उन्हें अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार द्वारा स्वयं मौके पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का अवलोकन करना और फिर बाजार अधीक्षक राजेंद्र दुबे की कार्यशैली की सराहना करना विभाग के लिए गौरव और उत्साह का क्षण रहा।
जब काम में लगन हो,
सेवा में संवेदना हो,
और जिम्मेदारी में कर्मठता हो,
तो पहचान के लिए किसी परिचय की आवश्यकता नहीं होती।
यही वजह रही कि कार्यक्रम की भीड़ के बीच बाजार विभाग की सक्रियता ने आयुक्त का ध्यान अपनी ओर खींचा और बाजार अधीक्षक राजेंद्र दुबे की मेहनत को सराहना मिली।
“दुबे जी, आप तो छा गए”—
आयुक्त महोदय के ये शब्द उस मेहनत के सम्मान के रूप में याद किए गए, जो जनसेवा को अपना दायित्व मानकर लगातार कार्य करती है।










