दुर्गा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संयुक्त बैठक संपन्न

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दुर्गा उत्सव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संयुक्त बैठक संपन्न

 

ध्वनि सीमा, विद्युत सुरक्षा और आपातकालीन मार्गों को लेकर दिए गए सख्त निर्देश

 

आगामी दुर्गा उत्सव को सुरक्षित, व्यवस्थित एवं गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने पुलिस कंट्रोल रूम में टेंट, ट्रेस, लाइट एवं साउंड संचालकों तथा संबंधित आयोजन समितियों के साथ संयुक्त बैठक आयोजित की।

 

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. आयुष जाखड़, अपर कलेक्टर रविशंकर राय, शैलेंद्र सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना तिवारी, एमपीबी के एसई श्री संजय अरोरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, टेंट एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं कारोबारी उपस्थित रहे।

 

बैठक में रात 10:30 बजे के बाद साउंड पूरी तरह बंद रखने और निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने के निर्देश दिए गए। पुलिस द्वारा साउंड मीटर एप के माध्यम से ध्वनि स्तर की जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साउंड संचालकों से कहा गया कि वे देर रात तक तेज आवाज में साउंड चलाने के किसी भी दबाव में न आएं और ऐसी स्थिति में तत्काल 112 या संबंधित पुलिस अधिकारी को सूचना दें।

 

प्रत्येक पंडाल के लिए पुलिस का एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा तथा उसका मोबाइल नंबर संबंधित आयोजनकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखने के लिए आपत्तिजनक, अशोभनीय अथवा विवाद उत्पन्न करने वाले गीत नहीं बजाने की समझाइश भी दी गई।

 

अधिकारियों ने साउंड वाहनों में आवश्यकता से अधिक एंगल एवं अतिरिक्त साउंड बॉक्स नहीं लगाने के निर्देश दिए, ताकि वाहन की चौड़ाई बढ़ने से दुर्घटना की स्थिति न बने। वायरलेस माइक रखने तथा बच्चों एवं बुजुर्गों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अत्यधिक तेज बास से बचने की सलाह दी गई।

 

बैठक में डीजे संचालकों के बीच तेज आवाज की प्रतियोगिता तथा भारी पुरस्कार राशि जैसी व्यवस्थाओं को बढ़ावा नहीं देने की अपील की गई। बाहर से आने वाले डीजे समूहों की जानकारी प्रशासन को पूर्व में उपलब्ध कराने तथा साउंड वाहन एवं टेंट व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के नशे की हालत में काम करने पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए।

 

विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर

 

बैठक में विद्युत सुरक्षा को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने पिछले वर्षों की दुर्घटनाओं एवं हाल में सामने आई लापरवाही से संबंधित वीडियो दिखाकर खुले और कटे-फटे विद्युत तार, खराब इंसुलेशन तथा मेटल स्ट्रक्चर के संपर्क में आने वाले तारों से होने वाले खतरे के प्रति आगाह किया।

 

पंडालों में प्रतिदिन विद्युत व्यवस्था की जांच करने तथा शाम को लाइटिंग शुरू करने से पहले आयोजन समिति के जिम्मेदार व्यक्ति द्वारा टेस्टर से वायरिंग एवं मेटल स्ट्रक्चर की जांच करने के निर्देश दिए गए। कहीं भी करंट पाए जाने पर तत्काल सुधार कराने को कहा गया।

 

पंडालों में सुरक्षित प्रवेश और निकास व्यवस्था

 

बड़े पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए एक से अधिक प्रवेश एवं निकास मार्ग रखने के निर्देश दिए गए। पंडाल, स्टेज और अन्य अस्थायी संरचनाओं की स्थापना इस प्रकार करने को कहा गया कि एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड एवं अन्य आपातकालीन वाहनों के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा न आए और यातायात भी प्रभावित न हो।

 

सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए आयोजन समितियों तथा साउंड, लाइट, टेंट और मूर्ति व्यवस्था से जुड़े जिम्मेदार व्यक्तियों से सुरक्षा संबंधी नोटिस, बांड एवं शपथपत्र भरवाने की जानकारी भी दी गई।

 

अधिकारियों ने कहा कि दुर्गा उत्सव को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और गरिमापूर्ण तरीके से संपन्न कराने की जिम्मेदारी सभी की सामूहिक है। प्रशासन और पुलिस की टीमें पंडालों का औचक निरीक्षण कर सुरक्षा मानकों की जांच करेंगी तथा नियमों का उल्लंघन मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

 

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