स्वच्छ हवा की मुहिम ने दिलाया राष्ट्रीय सम्मान, श्री रामप्रकाश अहिरवार के नेतृत्व में दिल्ली में गूंजेगा जबलपुर का नाम
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026 में उत्कृष्ट प्रदर्शन, महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ और निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार आज नई दिल्ली में होंगे सम्मानित
जबलपुर। संस्कारधानी जबलपुर की पहचान अब केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं रही, बल्कि स्वच्छ और स्वस्थ आबोहवा की दिशा में किए गए प्रयासों ने इसे राष्ट्रीय पटल पर भी नई पहचान दिलाई है। वायु प्रदूषण नियंत्रण और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नगर निगम द्वारा किए गए निरंतर प्रयासों का परिणाम अब राष्ट्रीय सम्मान के रूप में सामने आया है।
भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा आयोजित ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026’ में जबलपुर नगर निगम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इसी उपलब्धि के लिए 7 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ एवं निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
यह सम्मान जबलपुर के लिए गौरव का क्षण होने के साथ-साथ शहर की स्वच्छ हवा के लिए किए गए उन प्रयासों की राष्ट्रीय स्वीकृति भी है, जो बीते वर्षों में धरातल पर निरंतर दिखाई दिए हैं।
धरातल पर उतरी योजनाबद्ध कार्ययोजना
शहर की वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम द्वारा वर्षभर योजनाबद्ध तरीके से विभिन्न स्तरों पर कार्य किए गए। सड़क और सार्वजनिक स्थलों से उठने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए धूल रहित फुटपाथों का निर्माण, प्रमुख चौराहों एवं रिक्त स्थानों पर लघु उद्यानों का विकास, नाला-नालियों और कंजरवेंसियों की धूल-मुक्त सफाई सहित कई प्रभावी कदम उठाए गए।
इसके साथ ही हवा में मौजूद धूल कणों को नियंत्रित करने के लिए उन्नत डी-फॉगर मशीनों का उपयोग किया गया। इन प्रयासों का उद्देश्य केवल शहर की स्वच्छता और सुंदरता बढ़ाना नहीं, बल्कि नागरिकों को स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराना रहा।
109 से 77 तक पहुंचा एक्यूआई
जबलपुर की वायु गुणवत्ता में सुधार की तस्वीर आंकड़ों में भी साफ दिखाई देती है। निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार के अनुसार, जबलपुर का औसत एक्यूआई वर्ष 2023-24 में 109 दर्ज किया गया था। इसके बाद इसमें लगातार सुधार हुआ और वर्ष 2024-25 में यह 92, वर्ष 2025-26 में 88, जबकि वर्ष 2026-27 में अब तक औसत एक्यूआई 77 दर्ज किया गया है।
वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार आई यह गिरावट प्रदूषण नियंत्रण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के सकारात्मक परिणामों को दर्शाती है। आंकड़ों की यह यात्रा बताती है कि योजनाबद्ध प्रयासों और निरंतर निगरानी से शहर की आबोहवा में उल्लेखनीय बदलाव लाया जा सकता है।
हरियाली, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर जोर
जबलपुर प्राकृतिक संपदा और हरियाली से समृद्ध शहर रहा है। नगर निगम द्वारा वायु गुणवत्ता सुधार के साथ-साथ हरित क्षेत्रों के विस्तार और सार्वजनिक स्थानों के सौंदर्यीकरण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। चौराहों एवं खाली स्थानों पर विकसित किए जा रहे छोटे उद्यान शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने में सहायक हो रहे हैं।
स्वच्छ वायु के लिए किए जा रहे प्रयासों में नागरिक सहभागिता को भी महत्वपूर्ण आधार माना गया है। क्योंकि स्वच्छ हवा किसी एक विभाग या संस्था का लक्ष्य नहीं, बल्कि पूरे शहर की सामूहिक आवश्यकता है।
राष्ट्रीय सम्मान के साथ बढ़ी जिम्मेदारी
नई दिल्ली के मंच पर जब जबलपुर का नाम सम्मान के साथ लिया जाएगा, तब यह संस्कारधानी के लिए गौरव का क्षण होगा। लेकिन यह सम्मान आने वाले समय के लिए जिम्मेदारी भी बढ़ाता है। एक्यूआई को और बेहतर बनाना, प्रदूषण के स्रोतों पर प्रभावी नियंत्रण करना और नागरिकों को स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराना अब अगली प्राथमिकता होगी।
निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने कहा कि जबलपुर की वायु गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है और इसे और बेहतर बनाने के लिए नगर निगम के प्रयास आगे भी निरंतर जारी रहेंगे। लक्ष्य केवल पुरस्कार प्राप्त करना नहीं, बल्कि जबलपुर को स्वच्छ, सुंदर, हरित और स्वस्थ शहर के रूप में और मजबूत पहचान दिलाना है।
आज दिल्ली में मिलने वाला यह सम्मान महज एक पुरस्कार नहीं, बल्कि संस्कारधानी की उस यात्रा की राष्ट्रीय स्वीकृति है, जिसमें स्वच्छ हवा को बेहतर जीवन की आधारशिला मानते हुए शहर ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया है।










