पर्यटकों को भारतीय संस्कृति से जोड़ने का लक्ष्य
जयपुर। जवाहर कला केंद्र स्थित शिल्पग्राम का आज निरीक्षण किया गया, जहां विभिन्न संभागों की सांस्कृतिक पहचान को दर्शाने वाले पारंपरिक स्ट्रक्चर्स और व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान स्थानीय आर्किटेक्ट्स के सहयोग से शिल्पग्राम की संरचनाओं को और अधिक प्रभावशाली व आकर्षक बनाने के निर्देश दिए गए।

साथ ही अधिकारियों को शिल्पग्राम की मरम्मत, सौंदर्यकरण और आयोजन क्षमता को बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं। उद्देश्य साफ है—शिल्पग्राम को सिर्फ एक दर्शनीय स्थल नहीं, बल्कि एक ऐसा जीवंत सांस्कृतिक केंद्र बनाया जाए जो भारतीय परंपरा और विरासत की झलक देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों तक पहुंचा सके।
निरीक्षण के दौरान यह बात भी सामने आई कि शिल्पग्राम की मौजूदा संरचनाएं क्षेत्रीय संस्कृति की एक समृद्ध झलक तो देती हैं, लेकिन उनमें और भी नयापन व विविधता लाकर अनुभव को और बेहतर बनाया जा सकता है। इसी क्रम में डिजाइन, रौशनी, सजावट और आयोजन स्थलों के पुनरुद्धार की दिशा में भी सुझाव लिए गए।
यह पहल न केवल राजस्थान बल्कि पूरे भारत की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जहां हर कोना किसी न किसी क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को बयां करता नजर आएगा।









