जबलपुर। कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने सोमवार को समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि खाद वितरण केंद्रों पर किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने बारिश के मौसम को देखते हुए सभी उर्वरक वितरण केंद्रों पर शेड, बैठने की व्यवस्था, पेयजल सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर ने खाद की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ही शत-प्रतिशत खाद का वितरण किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई अपात्र व्यक्ति खाद का लाभ न उठा सके। जिन कृषि भूमि का डायवर्जन प्लॉटिंग या कॉलोनी निर्माण के लिए हो चुका है, ऐसे मामलों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार, सीएम हेल्पलाइन, लंबित नामांतरण, सीमांकन, पेयजल व्यवस्था, जल जीवन मिशन, संबल योजना और जनसुनवाई की शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। कलेक्टर ने सभी लंबित प्रकरणों का समयबद्ध और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
एक जुलाई से शुरू होने वाले नशामुक्ति अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने स्कूल-कॉलेजों के 100 मीटर के दायरे में संचालित पान-गुटखा की दुकानों की सूची तैयार कर नगर निगम की टीम के साथ कार्रवाई करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाने के निर्देश दिए।
बैठक में कठौंदा स्थित थोक पटाखा बाजार और कुंडम, पाटन तथा सिहोरा की पटाखा निर्माण इकाइयों की सघन जांच कर विस्फोटक अधिनियम के उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सेवाएं, प्रत्येक गर्भवती महिला का एएनसी पंजीयन, नियमित जांच तथा टीबी मरीजों को निक्षय पोषण योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने मानसून में देरी को देखते हुए संभावित पेयजल संकट वाले क्षेत्रों को चिन्हित कर अग्रिम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही जल जीवन मिशन की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार, अपर कलेक्टर नीता राठौर, जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे, जबकि फील्ड में पदस्थ अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।










