संयुक्त किसान मोर्चा ने SC की समिति से बातचीत से किया इनकार, कहा- ‘न्यायालय का दखल मंजूर नहीं’
संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी से मिलने से इनकार कर दिया है। मोर्चा का कहना है कि वह न्यायालय के हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता, क्योंकि यह मामला केंद्र सरकार की नीतियों से संबंधित है, जहां न्यायालय की कोई भूमिका नहीं है।
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शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना दे रहे किसान संगठनों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि वे सुप्रीम कोर्ट की कमेटी से बात नहीं करेंगे। सुप्रीम कोर्ट ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश नवाब सिंह की अध्यक्षता में इस कमेटी का गठन किया था और एसकेएम को 3 जनवरी को बातचीत के लिए आमंत्रित किया गया था।
हालांकि, किसान संगठनों ने इस निमंत्रण को ठुकराते हुए कहा कि उनकी लड़ाई केंद्र सरकार के साथ है। एसकेएम के अनुसार, यह संघर्ष एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) और किसानों से जुड़े अन्य नीतिगत मुद्दों पर केंद्रित है, जो सीधे सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं।
इसके बावजूद, राष्ट्रीय समन्वय सदस्य रमिंदर सिंह पटियाला ने पुष्टि की है कि एसकेएम एमएसपी और अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, लेकिन यह बातचीत सरकार के साथ ही संभव होगी।










