जल विभाग के अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव सुधार की बात करते हैं, तो बताइए, हर साल मरम्मत होनें के बाद भी फॉल्ट क्यों? आधा शहर प्यासा—आखिर स्थायी समाधान कब 

---Advertisement---

जल विभाग के अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव सुधार की बात करते हैं, तो बताइए, हर साल मरम्मत होनें के बाद भी फॉल्ट क्यों? आधा शहर प्यासा—आखिर स्थायी समाधान कब

 

रमनगरा प्लांट की राइजिंग लाइन सुधरी तो वॉल्व में लीकेज; बार-बार मरम्मत के बावजूद नहीं थम रही समस्या, जल विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल

 

जबलपुर। रमनगरा जलशोधन संयंत्र की मेन राइजिंग लाइन में बार-बार फॉल्ट और अब वॉल्व में लीकेज ने आधे शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते करीब एक सप्ताह से कई इलाकों के लोग पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कई दिनों के सुधार कार्य के बाद जब सप्लाई शुरू होने की उम्मीद जगी, तभी वॉल्व में लीकेज सामने आ गया।

 

जल विभाग के अधीक्षण यंत्री कमलेश श्रीवास्तव की ओर से सुधार कार्य जल्द पूरा कर नियमित जलापूर्ति बहाल करने की बात कही गई है। लेकिन जनता का सवाल इससे आगे का है—जब हर साल लाइन और उपकरणों की मरम्मत होती है, तो वही फॉल्ट बार-बार क्यों लौटता है?

 

हर साल मरम्मत, फिर वही कहानी

 

शहरवासियों के बीच यह सवाल लगातार उठ रहा है कि यदि राइजिंग लाइन और वॉल्व की नियमित मरम्मत व देखरेख होती है, तो कुछ समय बाद फिर लीकेज और फॉल्ट की नौबत क्यों आती है।

 

यदि उपकरण पुराने हैं तो उन्हें बदला क्यों नहीं जाता? यदि नए उपकरण लगाए गए हैं तो उनकी गुणवत्ता की जांच कौन करता है? और यदि बिजली के उतार-चढ़ाव को खराबी की वजह बताया जा रहा है तो उससे बचाव के लिए स्थायी तकनीकी व्यवस्था क्यों नहीं की गई?

 

मरम्मत के बाद फिर मरम्मत—यह सिलसिला आखिर कब टूटेगा?

 

आधा शहर पानी के लिए परेशान

 

रमनगरा जलशोधन संयंत्र से बिरला धर्मशाला, मेडिकल, त्रिपुरी, गुल्लीआब, राइट टाउन, रामेश्वरम, मनमोहन नगर, लक्ष्मीपुर, कोतवाली, मोतीनाला, आनंद नगर, लेमा गार्डन, सर्वोदय नगर, मदर टेरेसा, बेड़ी नगर, मिल्क स्कीम, किलकारी गार्डन, त्रिमूर्ति नगर, कृष्णा कॉलोनी, शास्त्री बिहार, अंबेडकर कॉलोनी, शांतिनगर, न्यू शोभापुर और राजीव नगर सहित कई इलाकों की जलापूर्ति प्रभावित हुई।

 

कई परिवार पीने के पानी के लिए कैंपर और बोतल खरीदने को मजबूर हैं, जबकि घरेलू जरूरतों के लिए निजी बोरिंग का सहारा लेना पड़ रहा है।

 

टैंकर व्यवस्था पर भी सवाल

 

गढ़ा, यादव कॉलोनी, अग्रवाल कॉलोनी और विजय नगर सहित कई क्षेत्रों में लोगों ने वैकल्पिक जलापूर्ति को लेकर नाराजगी जताई। रहवासियों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद जरूरत के समय पर्याप्त टैंकर नहीं पहुंच सके।

 

ऐसे में सवाल उठता है कि जब मुख्य जलापूर्ति व्यवस्था ठप हो, तब वैकल्पिक व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है?

 

विपक्ष ने उठाए मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल

 

कांग्रेस पार्षद दल ने निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सुधार कार्यों के नाम पर खराब उपकरण लगाए जाने से समस्या बार-बार पैदा हो रही है। नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा और सचेतक अयोध्या तिवारी ने भी मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं।

 

इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बार-बार फॉल्ट और लीकेज की घटनाओं के चलते मरम्मत कार्य, उपकरणों की गुणवत्ता और खर्च की तकनीकी जांच की मांग उठना स्वाभाविक है।

 

कमलेश श्रीवास्तव से जनता के सवाल

 

कमलेश श्रीवास्तव जी, जनता जानना चाहती है—

 

हर साल मरम्मत के बावजूद फॉल्ट क्यों?

मरम्मत के बाद फिर लीकेज क्यों?

खराब उपकरणों की गुणवत्ता की जांच कौन करता है?

बार-बार होने वाले खर्च का हिसाब और तकनीकी ऑडिट कब होगा?

और सबसे बड़ा सवाल—आखिर जनता को स्थायी रूप से नियमित पानी कब मिलेगा?

 

जनता को हर बार “सुधार कार्य जारी है” का आश्वासन नहीं, ऐसी व्यवस्था चाहिए जिसमें बार-बार फॉल्ट की नौबत ही न आए।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment