55 हजार में ‘पदोन्नति का पैकेज’! लोकायुक्त ने बाबू-कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथ पकड़ा

---Advertisement---

55 हजार में ‘पदोन्नति का पैकेज’! लोकायुक्त ने बाबू-कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथ पकड़ा

बैतूल। सरकारी दफ्तर में फाइलें भले नियम-कायदे से चलती हों, लेकिन यहां कथित तौर पर ‘नोटों की गर्मी’ से पदोन्नति की राह आसान कराने का खेल चल रहा था। अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म कराने और अगली डीपीसी में पदोन्नति दिलाने के नाम पर 55 हजार रुपये की कथित रिश्वत मांगने वाले बाबू और कंप्यूटर ऑपरेटर को भोपाल लोकायुक्त ने रंगे हाथ पकड़ लिया।

मामला पश्चिम बैतूल वनमंडलाधिकारी कार्यालय का है। लोकायुक्त टीम ने सोमवार, 17 अगस्त को कार्रवाई करते हुए सहायक ग्रेड-2 माखनलाल पाल (62) और कंप्यूटर ऑपरेटर अभय सिंह तोमर (46) को शिकायतकर्ता वनरक्षक सुकांत पाठक से 55 हजार रुपये लेते पकड़ा।

‘डीपीसी’ में मेरिट नहीं, नोटों की जरूरत?

लोकायुक्त के मुताबिक, शिकायतकर्ता जुलाई 2026 में पदोन्नति से वंचित रह गया था। इसी दौरान उसके खिलाफ चल रही अनुशासनात्मक कार्रवाई खत्म कराने और आगामी डीपीसी में पदोन्नति दिलाने के नाम पर कथित तौर पर 55 हजार रुपये की मांग की गई।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने पहले रिश्वत मांगने की बात का सत्यापन कराया। मामला सही पाए जाने के बाद टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता कथित रिश्वत की रकम लेकर कार्यालय पहुंचा, लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों को 55 हजार रुपये लेते रंगे हाथ दबोच लिया।

सरकारी कुर्सी या ‘रेटिंग काउंटर’?

मामले ने सरकारी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिस पदोन्नति का फैसला सेवा नियम, कार्यक्षमता और पात्रता के आधार पर होना चाहिए, वहां यदि ‘रेट’ तय होने के आरोप सामने आएं तो सवाल उठना लाजिमी है कि सरकारी दफ्तर में फाइल चल रही थी या फिर कोई ‘रेट कार्ड’।

लोकायुक्त ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधन 2018) की धारा 7 सहित बीएनएस 2023 की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।

कार्रवाई उप पुलिस अधीक्षक कवींद्र सिंह चौहान के नेतृत्व में निरीक्षक रजनी तिवारी सहित लोकायुक्त भोपाल की टीम ने की।

लोकायुक्त संगठन ने नागरिकों से अपील की है कि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में करें।

विडंबना यही है—सरकारी नौकरी में पदोन्नति के लिए कर्मचारी सालों सेवा करता है, और कुछ लोगों के लिए कथित तौर पर 55 हजार रुपये ही ‘शॉर्टकट’ बन जाते हैं।

WhatsApp Group Join Now
Telegram Group Join Now

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Comment