आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने सुलभ के वाइस चेयरमैन काशीनाथ झा को लगाई कड़ी फटकार, दोटूक चेतावनी— अवैध वसूली बंद करो और व्यवस्थाओं पर करो सुधार, नहीं तो अनुबंध होगा निरस्त
उजला दर्पण समाचार पत्र के जनहित अभियान का असर, सुलभ शौचालयों की अव्यवस्थाओं पर नगर निगम सख्त
जबलपुर। शहर के सुलभ शौचालयों में अनुबंध के विपरीत कथित अधिक शुल्क वसूली, निर्धारित दर सूची का पालन न होने तथा मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने सुलभ इंटरनेशनल संस्था के वाइस चेयरमैन एवं जबलपुर संभाग प्रमुख काशीनाथ झा को निगम कार्यालय तलब कर व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि अनुबंध की शर्तों का तत्काल पालन नहीं किया गया, निर्धारित दर सूची के अनुसार ही शुल्क नहीं लिया गया तथा शिकायतों का निराकरण नहीं हुआ, तो नगर निगम और सुलभ इंटरनेशनल के मध्य हुए अनुबंध को निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
आयुक्त ने निर्देश दिए कि प्रत्येक सुलभ शौचालय पर नगर निगम से स्वीकृत रेट सूची स्पष्ट एवं प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित की जाए तथा उसी के अनुरूप शुल्क लिया जाए। निर्धारित दरों से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि नागरिकों के साथ आर्थिक अनियमितता और अनुबंध की शर्तों की अवहेलना पर नगर निगम किसी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतेगा।
बैठक में केवल शुल्क वसूली ही नहीं, बल्कि महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा और सार्वजनिक सुविधाओं पर भी गंभीर चर्चा हुई। आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक सुलभ शौचालय में सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इंसिनरेटर मशीन, पर्याप्त सेनेटरी नैपकिन, हैंड ड्रायर, सीसीटीवी कैमरे, इन्वर्टर अथवा सौर ऊर्जा बैकअप, आपातकालीन प्रकाश व्यवस्था तथा अनुबंध में वर्णित अन्य सभी सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहनी चाहिए। यदि निरीक्षण के दौरान इनमें किसी प्रकार की कमी पाई गई, तो उसे गंभीर अनुबंध उल्लंघन माना जाएगा।
नगर निगम सूत्रों के अनुसार आयुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि महिलाओं की आवश्यक सुविधाओं के अभाव को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि कहीं केवल मशीनों के स्टीकर लगे हों और मशीनें अथवा आवश्यक सामग्री उपलब्ध न हो, तो संबंधित संस्था को तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
उल्लेखनीय है कि उजला दर्पण समाचार पत्र पिछले लगभग एक वर्ष से शहर के विभिन्न सुलभ शौचालयों में अनुबंध के विपरीत कथित अधिक शुल्क वसूली, दर सूची प्रदर्शित न करने तथा जनसुविधाओं में कमियों के संबंध में लगातार जनहित के मुद्दे उठाता रहा है। समाचार पत्र द्वारा प्रकाशित खबरों, नागरिकों की शिकायतों और तथ्यों को प्रशासन तक पहुंचाए जाने के बाद नगर निगम ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए समीक्षा प्रारंभ की।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि सुलभ इंटरनेशनल नगर निगम के निर्देशों का पालन कितनी गंभीरता से करता है। यदि निर्धारित समय में व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, अवैध वसूली पर प्रभावी रोक नहीं लगी और अनुबंध की सभी शर्तों का पालन सुनिश्चित नहीं किया गया, तो नगर निगम अनुबंध निरस्त करने सहित नियमानुसार आगे की कार्रवाई कर सकता है।
उजला दर्पण समाचार पत्र के स्टेट हेड का मानना है कि यह अभियान किसी व्यक्ति या संस्था विशेष के विरुद्ध नहीं, बल्कि आम नागरिकों के अधिकार, महिलाओं की सुरक्षा, पारदर्शिता और सार्वजनिक सुविधाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा जनहित का प्रयास है। जब तक अनुबंधानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो जातीं और निर्धारित दरों के अनुसार ही शुल्क वसूली सुनिश्चित नहीं होती, तब तक यह जनहित अभियान निरंतर जारी रहेगा।










