जयपुर, 14 नवंबर। यूरोलॉजिकल सोसायटी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सम्मेलन का आज जयपुर में शुभारंभ हुआ, जहां राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने आधुनिक चिकित्सा सेवाओं को अधिक सुलभ, सस्ती और समयानुकूल बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यूरोलॉजी से जुड़ी बीमारियाँ—मूत्र संक्रमण, गुर्दे की पथरी और प्रोस्टेट रोग—आज की असंतुलित जीवनशैली का परिणाम हैं, इसलिए समय रहते इनका उपचार और जागरूकता दोनों बेहद महत्वपूर्ण हैं।
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा सेवा केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सेवा है। चिकित्सकों को अपने ज्ञान और दक्षता का उपयोग समाज के कमजोर और दूरदराज़ के तबकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुँचाने में करना चाहिए। उन्होंने आह्वान किया कि ग्रामीण, आदिवासी और पिछड़े क्षेत्रों में यूरोलॉजी संबंधी रोगों की पहचान, रोकथाम और उपचार के लिए विशेष कार्यक्रमों और आउटरीच कैंपों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि उन्नत चिकित्सकीय सुविधाओं का लाभ शहरी क्षेत्रों से आगे भी पहुंचे।
सम्मेलन में विशेषज्ञों ने यूरोलॉजी क्षेत्र से जुड़े वैश्विक शोध, नई तकनीकों और मरीज-केंद्रित उपचार पद्धतियों पर विचार-विमर्श किया। राज्यपाल ने इस बात पर विशेष बल दिया कि विश्वस्तरीय अनुसंधानों का लाभ आम लोगों तक तभी पहुँचेगा जब चिकित्सक सेवा भावना से प्रेरित होकर कार्य करेंगे और स्वास्थ्य सुविधाओं को और अधिक सुलभ बनाएंगे।
यह सम्मेलन यूरोलॉजी के क्षेत्र में उन्नत तकनीकों, जागरूकता और व्यापक स्वास्थ्य सेवाओं की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जा रहा है।










