( उजला दर्पण अंकित सेन स्टेट हेड मध्य प्रदेश )
रायपुर। रायपुर एयरपोर्ट पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री (बाबा बागेश्वर) के स्वागत के दौरान वर्दी में एक थाना प्रभारी द्वारा पैर छूने का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। वायरल वीडियो में थाना प्रभारी (TI) मनीष तिवारी को जूता उतारकर झुकते हुए बाबा बागेश्वर के पैर छूते साफ देखा जा सकता है।
यह घटना उस समय की बताई जा रही है जब बाबा बागेश्वर सरकारी विमान से रायपुर पहुंचे थे। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होते ही पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और अनुशासन पर सवाल उठने लगे। वर्दी में रहते हुए इस तरह के आचरण को पुलिस सेवा नियमों और वर्दी की गरिमा के खिलाफ बताया जा रहा है।
तत्काल कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभाग ने त्वरित कदम उठाते हुए TI मनीष तिवारी को लाइन अटैच कर दिया है। विभागीय सूत्रों के अनुसार यह प्रारंभिक अनुशासनात्मक कार्रवाई है और पूरे घटनाक्रम की आंतरिक जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की विभागीय कार्रवाई तय की जाएगी।
सरकारी विमान को लेकर भी उठे सवाल
इस पूरे मामले में एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि बाबा बागेश्वर को सरकारी विमान की सुविधा किस आधार पर दी गई। क्या यह किसी आधिकारिक सरकारी कार्यक्रम का हिस्सा था या फिर विशेष अनुमति के तहत यह व्यवस्था की गई—इस पर अभी तक प्रशासन की ओर से स्पष्ट जवाब सामने नहीं आया है।
सोशल मीडिया और राजनीतिक प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया पर वीडियो को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे वीआईपी संस्कृति और सरकारी तंत्र के दुरुपयोग से जोड़ रहे हैं, वहीं कुछ इसे व्यक्तिगत आस्था का विषय बताकर कार्रवाई को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्षी दलों ने भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग की है।
पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि वर्दी में इस तरह का व्यवहार पुलिस की निष्पक्ष छवि को नुकसान पहुंचाता है। पुलिस अधिकारी का कर्तव्य कानून व्यवस्था बनाए रखना है, न कि किसी व्यक्ति विशेष के प्रति सार्वजनिक रूप से इस तरह का आचरण करना।
फिलहाल पूरा मामला जांच के दायरे में है और सभी की निगाहें प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हुई हैं।








