नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष (UNFPA) की कार्यकारी निदेशक नतालिया केनम ने भारत में गरीबी कम करने, विद्युतीकरण का विस्तार करने और स्वच्छ जल एवं स्वच्छता तक पहुंच में हुई महत्वपूर्ण प्रगति की सराहना की है। अपनी तीन दिवसीय भारत यात्रा के दौरान उन्होंने कहा, “भारत में प्रगति की गति और तेजी आश्चर्यजनक है। गरीबी में आई कमी और विकास की दिशा में भारत का कदम प्रेरणादायक है।”
50 वर्षों की साझेदारी पर UNFPA का गर्व
केनम ने UNFPA और भारत के बीच 50 वर्षों की साझेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि यह साझेदारी मातृ मृत्यु दर को कम करने और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा, “भारत में मातृ मृत्यु दर में कमी UNFPA के लिए गर्व की बात है। हम इस दिशा में आगे बढ़कर काम कर रहे हैं ताकि कोई भी महिला जीवन देते समय न मरे।”hi
बाल विवाह और महिलाओं की सशक्तिकरण की दिशा में प्रगति
बाल विवाह के मामलों में पिछले 50 वर्षों में आधी कमी को एक बड़ी सांस्कृतिक उपलब्धि मानते हुए केनम ने कहा कि यह बदलाव बालिकाओं की शिक्षा के प्रति बढ़ती जागरूकता को दर्शाता है। “महिलाओं और बालिकाओं को सशक्त बनाना, भारत की आर्थिक समृद्धि का आधार है,” उन्होंने कहा।
डिजिटल क्रांति से बदल रहा जमीनी स्तर पर जीवन
भारत की डिजिटल क्रांति को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए केनम ने कहा कि यह दूरदराज के इलाकों में रहने वाली महिलाओं के जीवन को बेहतर बना रही है। “मोबाइल फोन की पहुंच ने कई महिलाओं को सरकारी सेवाओं और UNFPA की जानकारी तक सीधे पहुंचने में सक्षम किया है,” उन्होंने कहा।
वैश्विक नेतृत्व में बढ़ता भारत का योगदान
भारत के वैश्विक नेतृत्व और विकासशील देशों के साथ साझेदारी की प्रशंसा करते हुए केनम ने कहा, “भारत न केवल एक आर्थिक महाशक्ति है, बल्कि सतत विकास लक्ष्यों पर भी गंभीरता से काम कर रहा है। महिलाओं और बालिकाओं के सशक्तिकरण में भारत की भूमिका अद्वितीय है।”
महिलाओं के नेतृत्व में विकास को मिली मजबूती
केनम ने भारत में महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास की दिशा में हो रहे प्रयासों को भी सराहा। उन्होंने कहा, “महिलाएं अब विकास के केंद्र में हैं, और भारत सरकार इसके लिए सक्रिय रूप से काम कर रही है। यह बदलाव न केवल स्थानीय स्तर पर, बल्कि राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी महसूस किया जा रहा है।”
व्यक्तिगत अनुभवों से भारत को समझने की कोशिश
नतालिया केनम ने अपनी भारत यात्रा के दौरान प्राप्त अनुभवों को साझा किया। उन्होंने तमिलनाडु में आयुर्वेद के अनुभव का जिक्र करते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता की प्रशंसा की। “यहां आकर और भारत की प्रगति के समर्थन में फिर से प्रतिबद्धता जताना मेरे लिए एक विशेष अनुभव है,” उन्होंने कहा।
भारत की उपलब्धियां, विशेष रूप से गरीबी उन्मूलन, स्वच्छता और महिलाओं के सशक्तिकरण के क्षेत्र में, वैश्विक मंच पर सराहनीय हैं। UNFPA के साथ उसकी दीर्घकालिक साझेदारी ने इन प्रयासों को गति दी है, और आने वाले समय में भारत विकासशील देशों केलिए एक प्रेरणास्रोत बन सकता है।









