तब गीता उसे पुनः अपने अंतराल से परिचित कराती है। इसी भावभूमि पर विवेकानन्द केन्द्र कन्याकुमारी शाखा
व्यवहार में गीता : स्वयं को ऊँचा उठाने का मार्ग दिखाती है गीता — भानुदास धाक्रस
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जबलपुर, 19 जून। जब जीवन की आपाधापी में मनुष्य स्वयं से दूर होने लगता है, तब गीता उसे पुनः अपने अंतराल से परिचित कराती ...








