बारां, 20 दिसंबर।बारां जिले के आकड़ी गांव में शनिवार शाम राजनीतिक टकराव उस समय हिंसक हो गया, जब नरेश मीणा की गाड़ी पर कुछ लोगों ने लाठियों से हमला कर तोड़फोड़ कर दी। हमले के वक्त नरेश मीणा स्वयं गाड़ी में सवार थे। इस घटना के बाद माहौल और ज्यादा बिगड़ गया, जब गुस्साए नरेश समर्थकों ने आकड़ी के पूर्व सरपंच तोलाराम मीणा की गाड़ी को आग के हवाले कर दिया। घटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्र में तनाव फैल गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार नरेश मीणा शनिवार शाम आकड़ी गांव में एक व्यक्ति के निधन पर परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे थे। वहां से लौटते समय जैसे ही उनकी गाड़ी पूर्व सरपंच तोलाराम मीणा के घर के सामने से गुजरी, तभी तोलाराम मीणा, उसके साथियों और अन्य लोगों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया और लाठियों से हमला कर दिया। नरेश मीणा का आरोप है कि हमलावरों में से एक व्यक्ति के पास पिस्टल भी थी और उसने फायर करने की कोशिश की, लेकिन गोली नहीं चली। घटना के बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी और गांव में ही पुलिस के पहुंचने का इंतजार किया।
नरेश मीणा के अनुसार, पुलिस के आने से पहले ही कुछ लोगों ने तोलाराम मीणा की गाड़ी में आग लगा दी, ताकि इस पूरे घटनाक्रम का दोष उन पर मढ़ा जा सके और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित साजिश के तहत किया गया। नरेश ने मांग की कि पुलिस द्वारा तोलाराम मीणा के घर की गहन तलाशी ली जाए और वहां मिले हथियारों को जब्त कर तत्काल गिरफ्तारी की जाए।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और एहतियातन आकड़ी गांव में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से संबंधित थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि तोलाराम मीणा, अन्ता से कांग्रेस विधायक प्रमोद भाया के समर्थक हैं, जिससे मामला और अधिक राजनीतिक रंग लेता नजर आ रहा है।
एसपी कार्यालय पर धरना, आमरण अनशन की चेतावनी
घटना के बाद नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ बारां पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने धरना शुरू कर दिया। नरेश मीणा ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होती, वे आमरण अनशन पर बैठेंगे। धरनास्थल पर पुलिस अधिकारियों से बातचीत के बाद नरेश मीणा की ओर से लिखित रिपोर्ट दी गई, लेकिन बाद में उनके समर्थक पुलिस अधीक्षक को धरना स्थल पर बुलाने की मांग पर अड़ गए।
धरने के दौरान नरेश समर्थकों ने पुलिस प्रशासन और कांग्रेस विधायक प्रमोद भाया के खिलाफ नारेबाजी भी की। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और प्रशासन ने शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।









