स्वास्थ्य और महिला-बाल विकास विभाग हर मंगलवार-शुक्रवार करें संयुक्त भ्रमण
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने दिए निर्देश, मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने और पोषण सेवाओं में सुधार पर जोर
स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक संपन्न
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की अध्यक्षता में स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक गेहलोत सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्वास्थ्य सेवाओं, टीकाकरण, पोषण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य और निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए कमियों को दूर करने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वास्थ्य एवं महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को संयुक्त भ्रमण करें। जिला स्तर पर बीएमओ और परियोजना अधिकारियों की संयुक्त टीम क्षेत्र का निरीक्षण करे। भ्रमण के दौरान सामने आने वाली कमियों, उनके निराकरण और की गई कार्रवाई का रिकॉर्ड भी रखा जाए। कार्यों की विस्तृत समीक्षा 15 दिन बाद फिर की जाएगी।
एएनसी पंजीयन बढ़ाने के निर्देश
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं का एएनसी पंजीयन बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की समय पर पहचान कर उपचार सुनिश्चित करने को कहा। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए प्रसव के दौरान होने वाली मृत्यु के कारणों की समीक्षा कर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। साथ ही संस्थागत प्रसव के दौरान उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
टीकाकरण और पोषण सेवाओं पर जोर
बैठक में छूटे हुए बच्चों का टीकाकरण, स्वास्थ्य संस्थानों में जांच एवं उपचार सुविधाओं और गैर-संचारी रोगों की जांच की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने पोषण पुनर्वास केंद्रों में बच्चों की भर्ती बढ़ाने, कुपोषित बच्चों की पहचान करने और उनके पोषण स्तर में सुधार के निर्देश दिए। आंगनवाड़ी केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने, पोषण ट्रैकर ऐप पर जानकारी समय पर दर्ज करने और टेक होम राशन वितरण की निगरानी करने को भी कहा।
अपार-आभा आईडी और निर्माण कार्यों की समीक्षा
अधिकारियों ने बताया कि लगभग 60 प्रतिशत बच्चों की अपार आईडी और 90 प्रतिशत आभा आईडी बनाने का कार्य पूरा हो चुका है। कलेक्टर ने शेष कार्य शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना और जनमन योजना के कार्यों की समीक्षा की गई। आंगनवाड़ी भवनों, शौचालयों सहित अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने को कहा गया।
कलेक्टर ने डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को मरीजों एवं उनके परिजनों के साथ संवेदनशील व्यवहार रखने तथा ऑटो रिक्शा चालकों के लिए नेत्र जांच शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का समय पर संतुष्टिपूर्ण निराकरण करने और दोनों विभागों को समन्वय के साथ कार्य करने पर जोर दिया।










