बारिश में भी नागरिक सुविधा सर्वोपरि, सड़क सुधार के लिए मैदान में उतरे निगमायुक्त
अमृत-2.0 के तहत 13 किलोमीटर पाइपलाइन के बाद सड़क पुनर्स्थापन बारिश से प्रभावित, फिलहाल अस्थायी सुधार से यातायात को राहत
जबलपुर। लगातार हो रही वर्षा के बीच नागरिकों को आवागमन में परेशानी न हो, इसे प्राथमिकता देते हुए नगर निगम प्रशासन ने सड़क सुधार के लिए तत्काल अस्थायी व्यवस्था शुरू कर दी है। अमृत-2.0 योजना के अंतर्गत ग्वारीघाट रोड, कटंगा, कंचघर एवं रांझी क्षेत्र में लगभग 13 किलोमीटर लंबी RWPM पाइपलाइन बिछाई गई है। पाइपलाइन कार्य के बाद इन मार्गों का स्थायी सड़क पुनर्स्थापन किया जाना है, लेकिन लगातार बारिश के चलते फिलहाल स्थायी कार्य तकनीकी रूप से संभव नहीं है।
वर्षा के कारण जहां-जहां सड़क की सतह प्रभावित हुई और गड्ढे बने, वहां नागरिकों तथा वाहन चालकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए तत्काल अस्थायी सुधार कार्य प्रारंभ कराया गया है। मौसम में थोड़ी राहत मिलते ही प्रभावित स्थानों पर GSB, डस्ट एवं सीमेंट के मिश्रण से तैयार बाइंडिंग सामग्री का उपयोग कर सड़क को मोटरेबल बनाया जा रहा है, ताकि बारिश के बीच भी यातायात बाधित न हो।
निरीक्षण पर निकले निगमायुक्त
इसी क्रम में नगर निगम आयुक्त रामप्रकाश अहिरवार ने ग्वारीघाट रोड का स्थल निरीक्षण कर सड़क की स्थिति तथा चल रहे अस्थायी सुधार कार्यों का जायजा लिया। इससे पूर्व उन्होंने रांझी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया था और संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी एजेंसी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए थे।
निगमायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वर्षा के दौरान संवेदनशील स्थानों पर निरंतर निगरानी रखी जाए। कहीं भी सड़क की स्थिति बिगड़ने पर तत्काल आवश्यक सुधार कर उसे आवागमन योग्य बनाया जाए, ताकि नागरिकों और वाहन चालकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मौसम खुलते ही होगा स्थायी पुनर्स्थापन
नगर निगम प्रशासन के अनुसार वर्षा ऋतु समाप्त होने के पश्चात संबंधित सभी मार्गों पर स्थायी सड़क पुनर्स्थापन का कार्य निर्धारित तकनीकी मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप प्राथमिकता से कराया जाएगा।
बारिश ने भले ही स्थायी सड़क पुनर्स्थापन की रफ्तार पर ब्रेक लगाया हो, लेकिन नागरिक सुविधा के लिए निगम प्रशासन ने तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। संदेश स्पष्ट है—सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं और नागरिकों के आवागमन में लापरवाही नहीं।









