लापरवाह ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई, दो ठेके निरस्त; एक फर्म ब्लैकलिस्ट, दूसरी एक वर्ष के लिए अयोग्य घोषित
जबलपुर। नगर निगम जबलपुर में विकास कार्यों में शिथिलता, उदासीनता और जनहित की उपेक्षा अब किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी स्पष्ट संदेश के साथ नगर निगम आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने समय पर कार्य प्रारंभ न करने वाली दो निर्माण एजेंसियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उनके अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए। साथ ही दोनों फर्मों की परफॉर्मेंस गारंटी राशि राजसात कर दी गई। इनमें एक फर्म को नगर निगम के सभी विभागों से ब्लैकलिस्ट किया गया, जबकि दूसरी फर्म को एक वर्ष के लिए नगर निगम के निर्माण कार्यों में भाग लेने से अयोग्य घोषित कर दिया गया।
आयुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार ने स्पष्ट किया कि नगर विकास से जुड़े प्रत्येक कार्य की समयबद्ध पूर्णता नगर निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। जनता के धन से संचालित विकास योजनाओं में लापरवाही, टालमटोल अथवा अनुबंध की शर्तों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो एजेंसियां अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं करेंगी, उनके विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार कठोर एवं अनुकरणीय कार्रवाई की जाएगी।
पहली कार्रवाई वार्ड क्रमांक–72 स्थित कंचन विहार कॉलोनी में सरस्वती विद्यालय के पीछे से महेंद्र वर्मन के मकान तक प्रस्तावित एम–30 सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर की गई। मई 2025 में कार्यादेश जारी होने के बावजूद निर्माण एजेंसी मेसर्स तनुश्री कंस्ट्रक्शन ने कार्य प्रारंभ नहीं किया। नगर निगम द्वारा कई बार पत्राचार, नोटिस तथा दूरभाष के माध्यम से निर्देश दिए गए, किंतु एजेंसी ने कोई संतोषजनक पहल नहीं की। परिणामस्वरूप आयुक्त ने अनुबंध निरस्त करते हुए 25 हजार रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी राशि राजसात कर ली तथा फर्म को आगामी एक वर्ष के लिए नगर निगम के सभी निर्माण कार्यों हेतु अयोग्य घोषित कर दिया।
इसी प्रकार दूसरी कार्रवाई संभाग क्रमांक–6 के अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के मदर टेरेसा नगर स्थित विवेकानंद गार्डन एवं श्रीराम वाटिका गार्डन में प्रस्तावित बाउंड्रीवाल एवं पथवे निर्माण कार्य को लेकर की गई। बार-बार नोटिस और संपर्क के बावजूद निर्माण एजेंसी विजय एसोसिएट्स ने कार्य प्रारंभ नहीं किया। निगमायुक्त ने अनुबंध समाप्त करते हुए 57 हजार 849 रुपये की परफॉर्मेंस गारंटी राशि राजसात कर ली तथा संबंधित फर्म को नगर निगम के सभी विभागों से ब्लैकलिस्ट करने के आदेश जारी कर दिए।
नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दोनों अधूरे कार्यों के लिए शीघ्र ही पुनः निविदा प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी, ताकि नागरिकों को विकास कार्यों का लाभ समय पर मिल सके। साथ ही दोबारा निविदा जारी होने से निगम को होने वाली अतिरिक्त आर्थिक क्षति की वसूली भी संबंधित ठेकेदारों से नियमानुसार की जाएगी।
निगमायुक्त श्री रामप्रकाश अहिरवार की इस निर्णायक कार्रवाई को प्रशासनिक दृढ़ता, पारदर्शिता और जनउत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण माना जा रहा है। इस कदम से स्पष्ट संदेश गया है कि जबलपुर में विकास कार्यों में लापरवाही, अनुबंध की अवहेलना और जनहित से खिलवाड़ करने वालों के लिए अब कोई स्थान नहीं है। नगर निगम की प्राथमिकता केवल विकास कार्यों का अनुमोदन नहीं, बल्कि उन्हें समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और जवाबदेही के साथ पूर्ण कराना है, ताकि शहर के नागरिकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।










