नई दिल्ली, 15 अगस्त 2026: भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधित किया। अपने लगातार 13वें स्वतंत्रता दिवस संबोधन में प्रधानमंत्री ने वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को सामने रखते हुए युवाओं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, स्टार्टअप, सेमीकंडक्टर, ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और आत्मनिर्भरता को विकास की रणनीति के प्रमुख आधार के रूप में रेखांकित किया।

प्रधानमंत्री ने इससे पहले राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद लाल किले पर तिरंगा फहराया गया और 21 तोपों की सलामी दी गई। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत देश के युवा हैं। उन्होंने युवाओं से बड़े सपने देखने और बड़े संकल्प के साथ देश की विकास यात्रा में भागीदारी करने का आह्वान किया।
एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI स्किल ट्रेनिंग
प्रधानमंत्री के भाषण का सबसे महत्वपूर्ण ऐलान युवाओं के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI स्किल ट्रेनिंग को लेकर रहा। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले एक वर्ष में एक करोड़ युवाओं को AI से जुड़ी ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार का उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीकी जरूरतों के लिए तैयार करना और उन्हें वैश्विक AI इकोसिस्टम में प्रतिस्पर्धा करने योग्य बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवा केवल AI का इस्तेमाल करने वाले नहीं, बल्कि इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखने वाले बनें।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए ऑनलाइन कोचिंग
छात्रों के लिए भी प्रधानमंत्री ने महत्वपूर्ण घोषणा की। सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था को बढ़ावा देगी। इसका उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और विशेषज्ञ मार्गदर्शन को अधिक से अधिक छात्रों तक पहुंचाना है।
इस पहल से उन विद्यार्थियों को भी फायदा पहुंचने की उम्मीद है, जो महंगी कोचिंग व्यवस्था का खर्च वहन नहीं कर पाते। डिजिटल माध्यम के जरिए शिक्षा की पहुंच बढ़ाने को सरकार की व्यापक डिजिटल इंडिया नीति से भी जोड़ा जा रहा है।
युवाओं और स्टार्टअप पर खास फोकस
पीएम मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में 2.5 लाख से अधिक स्टार्टअप काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत का युवा अब केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार पैदा करने वाला भी बन रहा है।
प्रधानमंत्री ने युवा उद्यमियों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि सरकार उनके सपनों को साकार करने के लिए संसाधनों की कमी नहीं आने देगी। उन्होंने स्टार्टअप और नवाचार को भारत की आर्थिक शक्ति बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
‘शक्ति की सप्त धारा’ से विकास को नई दिशा
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में भारत के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्त धारा’ का उल्लेख किया। इसके तहत विनिर्माण, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, तकनीक और नवाचार, बुनियादी ढांचा, रक्षा उत्पादन, हरित एवं ब्लू इकोनॉमी तथा भारत की वैश्विक भूमिका जैसे क्षेत्रों को विकास की अगली धारा से जोड़ा गया।
प्रधानमंत्री ने संकेत दिया कि आने वाले वर्षों में सरकार का जोर केवल आर्थिक विकास की गति बढ़ाने पर नहीं, बल्कि रणनीतिक क्षेत्रों में भारत की क्षमता मजबूत करने पर भी रहेगा।
सेमीकंडक्टर और आत्मनिर्भर तकनीक पर जोर
भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेमीकंडक्टर निर्माण को महत्वपूर्ण बताया गया। प्रधानमंत्री ने घरेलू चिप निर्माण क्षमता बढ़ाने और रणनीतिक तकनीकों में बाहरी निर्भरता कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
AI, सेमीकंडक्टर और डिजिटल टेक्नोलॉजी को भारत की भविष्य की अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण स्तंभों के रूप में पेश किया गया। सरकार का लक्ष्य भारत को वैश्विक तकनीकी सप्लाई चेन में अधिक महत्वपूर्ण भूमिका दिलाना है।
2047 तक 100 GW परमाणु ऊर्जा का लक्ष्य
ऊर्जा सुरक्षा पर भी प्रधानमंत्री ने बड़ा लक्ष्य सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारत का लक्ष्य वर्ष 2047 तक 100 गीगावाट परमाणु ऊर्जा क्षमता हासिल करना है। इसके साथ ही सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों के विस्तार पर भी जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को आर्थिक विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि भारत को अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बाहरी निर्भरता कम करनी होगी।
खेल प्रतिभाओं की तलाश के लिए बड़ा अभियान
युवाओं और छात्रों के लिए खेल क्षेत्र में भी पहल का ऐलान किया गया। सरकार कम उम्र में खेल प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें प्रशिक्षण और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम करेगी।
इस पहल का उद्देश्य देश के विभिन्न हिस्सों से प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सामने लाना और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करना है। इससे भविष्य में ओलंपिक और अन्य बड़े खेल आयोजनों के लिए भारत की प्रतिभा पाइपलाइन मजबूत करने पर जोर रहेगा।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक अवसर
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस समारोह का एक प्रमुख आकर्षण ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूरे होना भी रहा। लाल किले पर आयोजित समारोह में राष्ट्रगीत को विशेष स्थान दिया गया।
प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ की ऐतिहासिक विरासत को भारत की राष्ट्रीय चेतना और भविष्य के संकल्प से जोड़ते हुए कहा कि देश की विकास यात्रा में राष्ट्रीय एकता, आत्मविश्वास और सामूहिक भागीदारी महत्वपूर्ण है।
2047 के लक्ष्य पर केंद्रित रहा संबोधन
प्रधानमंत्री मोदी के स्वतंत्रता दिवस संबोधन का व्यापक संदेश भारत को 2047 तक विकसित, आत्मनिर्भर और तकनीकी रूप से सक्षम राष्ट्र बनाने के लक्ष्य के इर्द-गिर्द रहा। AI से लेकर परमाणु ऊर्जा, सेमीकंडक्टर से लेकर स्टार्टअप और खेल से लेकर डिजिटल शिक्षा तक, भाषण में आने वाली पीढ़ी के लिए कई क्षेत्रों पर फोकस दिखाई दिया।
प्रधानमंत्री ने युवाओं को इस परिवर्तन का मुख्य भागीदार बताते हुए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने का आह्वान किया। स्वतंत्रता की शताब्दी यानी 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प अब सरकार की दीर्घकालिक विकास रणनीति के केंद्र में दिखाई देता है।











